सेटेलाइट टाउन के तौर पर उभर रहा है मेरठ
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एनसीआर के नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में मकानों की ओवर-सप्लाई और खरीदारों की कमी को देखते हुए डेवलपर अब मेरठ जैसे सेटेलाइट टाउन का रुख कर रहे हैं। केंद्र में नई सरकार आने के बाद दिल्ली और मेरठ के बीच एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल के जरिए कनेक्टिविटी सुधरने की उम्मीद है। जिससे मेरठ में रीयल एस्टेट गतिविधियां बढ़ने के साथ-साथ गेटेड सोसायटियों और अपार्टमेंट का ट्रेंड बढ़ सकता है। अगले दो-तीन साल के भीतर मेरठ में करीब 10 हजार मकान तैयार होने का अनुमान है। इनमें से ज्यादातर मकान एनएच-58 बाईपास के नजदीक गेटेड सोसायटियों में हैं।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार मेरठ देश का 14वां सबसे तेजी से बढ़ता शहर है। हर साल करीब 2.5 लाख लोग इसकी आबादी में जुड़ रहे हैं। यही वजह है कि पुराने शहर की भीड़भाड़ से दूर एनएच-58 बाईपास के आसपास बड़ी संख्या में हाउसिंग प्रोजेक्ट आ रहे हैं। रीयल एस्टेट डेवलपर मेरठवन के बिजनेस हेड इमरान हई बताते हैं कि मेरठ की गेटेड कम्युनिटीज में औसतन 50-60 फीसदी खरीदार स्थानीय निवासी हैं, जो बेहतर सुविधाओं के लिए बाईपास के आसपास नए मेरठ का रुख कर रहे हैं।
मेरठ में ब्रोकरों का अनुमान है कि अगले दो-तीन वर्षों में करीब 50 हजार से ज्यादा लोग गेट युक्त सुरक्षित आवासीय परियोजनाओं का रुख करेंगे। अभी तक शास्त्री नगर और पांडव नगर मेरठ के लक्जरी हाउसिंग पाकेट में गिने जाने थे। लेकिन अब इन इलाकों को कीमत और रिटर्न के मामले में बाईपास रोड की गेटेड कम्युनिटीज से कड़ी टक्कर मिल रही है।
शहर के एक प्रमुख प्रॉपर्टी ब्रोकर प्रतीक चोपड़ा कहते हैं कि बाईपास रोड पर खरीदारों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर बेहतर सुविधाओं वाले आवास मिल रहे हैं। जबकि शास्त्री नगर और बाईपास रोड पर मकानों की कीमतों में 30-35 फीसदी तक का अंतर है। बाईपास रोड पर शिक्षण संस्थाएं, रिटेल स्टोर, अस्पताल और दिल्ली से सीधे संपर्क के चलते यह क्षेत्र आवास और निवेश की दृष्टि से अच्छा विकल्प बनता जा रहा है।
हालांकि, गेटेड कम्युनिटी का कॉन्सेप्ट दिल्ली-एनसीआर में करीब एक दशक पहले आ चुका है। लेकिन मेरठ जैसे शहरों में इसका चलन बढ़ने में वक्त लगा। बढ़ते अपराधों और असुरक्षा बोध ने खुले मुहल्लों के बजाय गेट युक्त सोसायटियों की जरूरत बढ़ा दी है। इसमें पार्क, जॉगिंग ट्रैक, स्वीमिंग पूल और जिम जैसी सुविधाओं के जरिए डेवलपर खरीदारों को रहन-सहन के बेहतर माहौल की पेशकश कर रहे हैं।