{"_id":"a04bc068-536d-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"may-market-will-grow-in-2013","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वागत 2013: बाजार में बढ़ेगा भरोसा","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
स्वागत 2013: बाजार में बढ़ेगा भरोसा
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 31 Dec 2012 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की अर्थव्यवस्था में कमजोरी के बावजूद, 2012 शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा और 2013 के लिए एक मजबूत आधार दे गया। शेयर सूचकांकों के आधार पर 2012 में शेयर बाजार ने करीब 25 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया। ऐसा तगड़ा रिटर्न किसी भी दूसरे वित्तीय उत्पाद ने नहीं दिया। 2013 में भी इसके जारी रहने का आकलन है। 2012 में सेंसेक्स 19,600 के स्तर तक गया। हालांकि अभी यह अपने रिकॉर्ड ऊंचाई को नहीं छू पाया है। अभी भी यह इससे करीब आठ फीसदी नीचे है।
विज्ञापन
बाजार के लिए सबसे सकारात्मक बात यह कि विकास दर में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने, राजकोषीय घाटे के भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के बावजूद सरकार के सुधारवादी कदमों से घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बाजार के प्रति बहाल हुआ है।
विज्ञापन
बीते सितंबर से निवेशकों के भरोसे में अच्छी बढ़ोतरी रही और इस दौरान करीब 13 फीसदी की बढ़ोतरी रही। विदेशी उभरते बाजारों से तुलना करें तो भी हमारा विकास उनके नौ फीसदी की तुलना में काफी ऊंचा रहा। देश के शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 20 अरब डॉलर लगाए। आर्थिक सुधारों को लेकर देश में सरकार जिस तरह की तेजी अपना रही है उससे 2013 में निवेशकों का भरोसा और भी बढ़ेगा।
विज्ञापन
शुरू होगा डॉयरेक्ट म्यूचुअल फंड का दौर
अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या करना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। 1 जनवरी से आप बिना किसी ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर के सीधे कंपनी से म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं। सेबी के नए नियम के मुताबिक 1 जनवरी से सभी म्यूचुअल फंड कंपनियों को डॉयरेक्ट म्यूचुअल फंड लांच करने होंगे। डॉयरेक्ट प्लॉन में आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा, क्योंकि ऐसे प्लॉन में डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन शामिल नहीं होगा।
नई टेक्नोलॉजी बिखेरेगी चमक
नए साल में कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री जहां छोटे शहरों पर ज्यादा फोकस और विस्तार करने वाली है। वहीं इंडस्ट्री का रूप भी बदलने वाला है। लोगों की बढ़ती आय और शौक को देखते हुए इंडस्ट्री आम उत्पादों के साथ-साथ प्रीमियम उत्पादों के सेगमेंट पर भी तेजी से विस्तार करेगी।
यहीं नहीं अभी तक प्रमुख रूप से बड़े शहरों में रिटेल चेन खोलने वाली कंपनियां अब छोटे शहरों में विस्तार करेंगी। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 तक भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री 52 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। जिसकी सालान ग्रोथ 15 फीसदी की दर से होगी। जहां वैश्विक कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री 10 फीसदी की दर से बढ़ेगी, वहीं भारतीय इंडस्ट्री उससे कही ज्यादा की दर से बढ़ेगी। इसमें से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की हिस्सेदारी सबसे अधिक होगी।
इंडस्ट्री के अनुसार टीवी का बाजार अब फ्लैट पैनल टीवी की ओर शिफ्ट हो रहा है। ऐसे में छोटे शहरों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ेगी। बढ़ते युवा वर्ग की वजह से आने वाले दिनों में प्रीमियम सेगमेंट की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इंडस्ट्री की छवि भी बदलेगी। प्रीमियम उत्पादों पर भी कंपनियों का जोर बढ़ेगा। इसके अलावा छोटे शहरों में भी फाइनेंस की सुविधा आदि का विस्तार होने से ग्रोथ में तेजी आएगी। नेक्सट, रिलायंस डिजीटल, क्रोमा जैसी रिटेल कंपनियां भी छोटे शहरों में ही विस्तार पर जोर देगी।