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कीमत घटाकर सेवा क्षेत्र को बनाएं प्रतिस्पर्धी : जेटली
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2014 08:54 AM IST
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भारत में तेजी से उभरते सेवा क्षेत्र को अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्रीय वित्त, कंपनी मामलों तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इसकी कीमत घटा कर प्रतिस्पर्धा को और तेज करें ताकि इसका निर्यात ज्यादा से ज्यादा हो सके।
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि सेवा क्षेत्र तो आसानी से पाने वाला फल है। सेवा क्षेत्र में पर्यटन, अनुसंधान और विकास, शिक्षा आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बिना गहन प्रयास किए बेहतर सफलता पाई जा सकती है। कोशिश यह करनी होगी कि इसमें पारंगत हों और इसकी लागत कम करें ताकि इसकी कीमत प्रतिस्पर्धात्मक हो सके। एक बार इसकी कीमत कम हो जाएगी तो फिर निर्यात बाजार में भी हमारी हिस्सेदारी बढ़ेगी।
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उन्होंने बताया कि इस समय सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था में 57 फीसदी का योगदान कर रहा है। इसका निर्यात बढ़ा कर न सिर्फ अर्थव्यवस्था में ज्यादा विदेशी मुद्रा आ सकती है बल्कि यहां घरेलू बाजार में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया जा सकता है। इस समय विनिर्माण क्षेत्र की हालत कुछ ठीक नहीं है और इसका अर्थव्यवस्था में योगदान घटकर 15 फीसदी तक सिमट गया है।
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कृषि क्षेत्र में भी ज्यादा लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है, इसलिए सेवा क्षेत्र ही एकमात्र आशा की किरण दिखती है। इस क्षेत्र में आक्रामक ढंग से काम करना होगा। फूंक-फूंक कर कदम रखने की नीति पर अमल करने से काम नहीं चलेगा। इस समय देश से करीब 151 अरब डॉलर के बराबर राशि का सेवाओं का निर्यात होता है जो कि कुल वैश्विक निर्यात का महज 3.3 फीसदी है। इसमें भी सूचना प्रौद्योगिकी और इससे जुड़े निर्यात का दबदबा है।