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बिजली वितरण में सुधार हो शीर्ष प्राथमिकता : विश्व बैंक
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 25 Jun 2014 08:55 AM IST
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विश्व बैंक ने कहा है कि भारत को 2019 तक सभी को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल करना है तो उसे आखिरी उपभोक्ता तक विद्युत वितरण सुधार पर खासा जोर देना होगा।
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विश्व बैंक की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है भारत अपनी अर्थव्यवस्था को यदि फिर से रफ्तार देना चाहता है, तो उसे विद्युत वितरण के क्षेत्र में सुधारों को गति देनी होगी, तभी वह 2019 तक सभी को बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल कर सकेगा।
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विश्व बैंक ने अपने बयान में कहा कि भारत में फिलहाल प्रति व्यक्ति बिजली खपत करीब 800 यूनिट है, जो विश्व के किसी भी देश की तुलना में सबसे कम है। विश्व बैंक द्वारा जारी ‘मोर पावर टू इंडिया : द चैलेंज ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन’ रिपोर्ट में भारत के बिजली क्षेत्र के सभी क्षेत्रों की समीक्षा की गई है। इनमें यूटिलिटी प्रदर्शन से लेकर वित्तीय स्थिति तक शामिल है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आखिरी उपभोक्ता तक बिजली को पहुंचाना इस क्षेत्र की सबसे कमजोर कड़ी है। रिपोर्ट में बिजली की बेहतर सेवा के लिए यूटिलिटी को मुक्त करना, नियामकों को बाहरी हस्तक्षेप के दायरे से हटाना, जवाबदेही और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने जैसे क्षेत्रों की पहचान कर इस दिशा में कदम उठाने की सिफारिश की गई है।
भारत में 2011 में इस क्षेत्र का कुल घाटा 25 अरब डॉलर पर पहुंच गया है जो डिस्कॉम, राज्य बिजली बोर्ड और राज्य बिजली विभागों के बीच है।
विश्व बैंक के भारत में कंट्री डायरेक्टर ओन्नो रूहल का कहना है कि वितरण व्यवस्था में सुधार के जरिए बिजली क्षेत्र को पुनर्जीवित किया जा सकता है और यह सुनिश्चित करना होगा कि इस क्षेत्र में काम करने वालों के लिए वित्तीय अनुशासन का पालन करना समय की मांग है।