मेक इन इंडिया के ट्वीट ने सस्ती की कारें !
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सरकार के मेक इन इंडिया ट्विटर अकाउंट पर मंगलवार को एक ऐसा ट्वीट किया, जिससे कारों और मोटरसाइकिलों के दाम गिरने की संभावना पैदा हो गई। जैसे ही लोगों को इस खबर के बारे में पता लगा तो मानो एक खुशी की लहर सी दौड़ गई हो, लेकिन इस खुशी को मायूसी में बदलने में चंद घंटे ही लगे।
मेक इन इंडिया ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया गया कि कारों और मोटरसाइकिलों पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर दी गई है। हालांकि, इसके कुछ ही देर बाद मेक इंडिया ट्विटर अकाउंट पर की गई इस गलत ट्वीट का सुधार किया गया।
इस ट्वीट में कहा गया था, "छोटी कारों और मोटरसाइकिलों (12% > 8%), बड़ी कारों (27% > 24%) और मध्यम कारों (24% > 20%) पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर दी गई है।"
जैसे ही यह खबर फैली तो मेक इन इंडिया ट्विटर अकाउंट संभालने वालों को अपनी गलती समझ में आ गई। इसके करीब 5 घंटे बाद ही ट्विटर पर मेक इन इंडिया की तरफ से अपनी गलती को सुधारते हुए एक और ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था, "उत्पाद शुल्क में की गई यह कटौती 31 दिसंबर 2014 तक ही मान्य थी।"
makeinindia_ Correction: These excise duty reductions were valid till 31 December, 2014 #MakeInIndia
— Make in India (@MakeinIndia) January 6, 2015
राजस्व सचिव ने ट्वीट को बताया गलत
जब राजस्व सचिव शशिकान्त दास से बात की गई तो उन्होंने पीटीआई को बताया कि ट्विटर पर किया गया वह ट्वीट गलत था। पिछले ही हफ्ते वित्त मंत्रालय ने उत्पाद शुल्क में दी जा रही इस रियायत की अवधि और न बढ़ाने का फैसला किया था।
आपको बता दें कि सरकार की उत्पाद शुल्क में की गई यह कटौती 31 दिसंबर 2014 को ही समाप्त हो चुकी है, जिसकी वजह से ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कार कीमतें 1.27 लाख रुपए तक बढ़ा दी हैं।
यह कटौती ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी लाने के लिए पिछली सरकार ने फरवरी में की थी। इसके बाद नरेन्द्र मोदी सरकार ने जून में इसे 31 दिसंबर 2014 तक के लिए बढ़ा दिया था।