फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   major changes can nbfc business rules

एनबीएफसी के कारोबारी नियमों में हो सकते हैं बड़े बदलाव

Thu, 08 Nov 2012 09:08 PM IST
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव Updated Thu, 08 Nov 2012 09:08 PM IST
विज्ञापन
major changes can nbfc business rules

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए जारी होने वाली नई गाइडलाइन में कई सारे बदलाव की संभावना है। इसके तहत कंपनियों के लिए गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) के नियमों के मानक कड़े हो सकते हैं, वहीं कंपनियों को टियर-1 कैपिटल के तहत ज्यादा पूंजी रखनी पड़ सकती है। हालांकि, कंपनियों को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत दिए जाने वाले कर्ज पर थोड़ी राहत मिल सकती है।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन जारी करने जा रहा है। इसके तहत कंपनियों को टियर-1 कैपिटल के तहत 7.5 फीसदी की जगह 10 फीसदी तक पूंजी रखने का प्रावधान किया जा सकता है। रिजर्व बैंक कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज के एनपीए नियमों में भी बदलाव करने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन


अभी एनबीएफसी के ऐसे ग्राहक जिन्होंने 180 दिन तक लगातार कर्ज की किस्त नहीं चुकाई है, उनके कर्ज एनपीए हो जाते हैं। आरबीआई इस अवधि को घटाकर बैंकों के समान 90 दिन करने पर विचार कर रहा है। हालांकि यह सीमा आरबीआई एक बार में न घटाकर धीरे-धीरे कम कर सकता है। यानी, पहले यह सीमा 180 दिन की जगह 120 दिन की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
अधिकारी के अनुसार, इसी तरह रिजर्व बैंक ने पिछले साल एनबीएफसी द्वारा दिए गए कर्ज को प्राथमिकता क्षेत्र से बाहर कर दिया था। इसके बाद प्राथमिकता क्षेत्र के लिए गठित नॉयर समिति ने जो सिफारिशें दी हैं, उसके आधार पर एनबीएफसी को हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के समान वर्ग में रखकर प्राथमिकता क्षेत्र के तहत दोबारा शामिल किया जा सकता है।


गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए गठित उषा थोराट समिति ने कंपनियों के लिए टियर-1 कैपिटल, एनपीए सहित प्रमुख नियमों में बदलाव की सिफारिश की थी। जिसके बाद आरबीआई ने अक्तूबर में पेश की गई मौद्रिक नीति में नई गाइडलाइन जारी करने की बात कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed