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ब्रिटेन ने कहा, भारत में बनी मैगी में नहीं कोई खराबी

Tue, 07 Jul 2015 02:45 PM IST
Updated Tue, 07 Jul 2015 02:45 PM IST
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Maggi gets clean chit in Britain

मैगी के लिए बहुत दिनों बाद राहत की खबर आई है। ब्रिटेन की खाद्य नियामक फूड स्टैंडर्ड एजेंसी (एफएसए) ने भारत में निर्मित मैगी को क्लीन चिट दे दी है।

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भारत में सीसे का स्तर मानकों से ज्यादा पाए जाने के बाद ब्रिटेन में इसके उपभोक्ता खास तौर पर यह रहने वाला भारतीय समुदाय सहमा हुआ था। भारत में उठे विवाद के बाद 320 करोड़ रुपये के मैगी नूडल्स नष्ट कर दिए गए थे।
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एफएसए के अनुसार इसमें लेड की मात्रा यूरोपियन यूनियन द्वारा स्वीकृत सीमा के भीतर है। एफएसए ने बताया कि भारत की घटनाओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर मैगी के नमूनों की जांच की गई थी। नेस्ले इंडिया कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक निर्यात की जाती है।
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900 नमूनों की हुई जांच

Maggi gets clean chit in Britain

कुल मिलाकर 900 नमूने लिए गए थे। नेस्ले ने बताया था कि कंपनी भारत से केवल मसाला फ्लेवर नूडल्स का आयात करती है।

इस वैरिएंट के साथ दूसरों का भी परीक्षण किया गया। स्थानीय स्तर पर जांच के अलावा एजेंसी ने नेस्ले से उसके द्वारा की गई जांच के परिणाम भी मांगे थे। सभी को देखने के बाद यह साफ हो गया है कि मैगी खाने वालों के लिए चिंता की बात नहीं है। कई दूसरे देशों के खाद्य नियामकों ने भी मैगी को खाने के लिए सुरक्षित बताया है।

इनमें वियतनाम फूड एडमिनिस्ट्रेशन तथा ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर की एग्री फूड एंड वेटरनेरी अथॉरिटी शामिल हैं।

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