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सर्वाधिक अनाज उत्पादन में मध्यप्रदेश ने मारी बाजी
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2013 11:33 PM IST
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वर्ष 2011-12 के दौरान सर्वाधिक अनाज उत्पादन करने के मामले में मध्य प्रदेश ने बाजी मारी है। जबकि बिहार ने चावल, हरियाणा ने गेहूं और उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक मोटे अनाज का उत्पादन करने का रिकॉर्ड बनाया है। वहीं पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्य निर्धारित मानकों से पीछे रह गए हैं।
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मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अनाज उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन के लिए राज्यों को कृषि कर्म पुरस्कार से पुरस्कृत करेंगे। मध्य प्रदेश को प्रशस्ति पत्र के साथ दो करोड़ रुपये और एक ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
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कृषि मंत्रालय के मुताबिक मध्य प्रदेश में पिछले वर्ष 190.46 लाख टन अनाज का उत्पादन किया था। पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य में अनाज उत्पादन 18.91 फीसदी की दर से बढ़ा है। राज्य में पिछले वर्ष अनाज की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1411 किलोग्राम दर्ज गई। इसी प्रकार किसी एक अनाज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में बिहार ने चावल का सर्वाधिक उत्पादन कर पुरस्कार जीता है। यहां पिछले वर्ष 72.01 लाख टन चावल का उत्पादन हुआ था।
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इसी प्रकार हरियाणा ने पिछले वर्ष 126.84 लाख टन गेहूं का उत्पादन कर कृषि कर्म पुरस्कार जीता है। राज्य में गेहूं की उत्पादकता 5030 किलो प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष मोटे अनाज का सर्वाधिक उत्पादन किया है।
प्रदेश में पिछले वर्ष 35.49 लाख टन उत्पादन हुआ था। पिछले पांच वर्षों में यहां मोटे अनाज का उत्पादन 10.30 फीसदी की दर से बढ़ा है। यहां मोटे अनाज की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1747 किलो तक पहुंच गई है। वहीं पंजाब, उत्तराखंड, असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को निर्धारित मानको के अनुरूप प्रदर्शन न करने के कारण सिर्फ प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।