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कोटे के विरोध में हड़ताल से 3000 करोड़ का चूना
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Dec 2012 11:13 PM IST
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पदोन्नति में कोटे का विरोध कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल से दूसरे दिन भी सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहा। राज्य सरकार और समाजवादी पार्टी के हड़ताल न तुड़वाने के ऐलान का असर भी हड़़ताल पर दिखा। हड़ताल के चलते कई विभागों में लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताली कर्मचारियों के दावे के मुताबिक, खासतौर से संपत्तियों की रजिस्ट्री व बकाया वसूली पर असर के चलते दो दिन में लगभग 3000 करोड़ का राजस्व प्रभावित हुआ है।
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कर्मचारी नेता ओमप्रकाश पाण्डेय केमुताबिक बकाया वसूली से प्रतिदिन लगभग 150 करोड़ रुपये आता है। इसी तरह रजिस्ट्री से प्रतिदिन पूरे प्रदेश में लगभग 1000 से 1500 रुपये करोड़ रुपये आता है। इसके अलावा लगभग 100 करोड़ रुपये की आमदनी विभिन्न फुटकर मदों से होती हैं। बावजूद इसके 3000 करोड़ का राजस्व हड़ताल से प्रभावित हो रहा है।
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यह स्थिति तब है कि जबकि कर्मचारियों ने कोषागार कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के लेखा अनुभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को हड़ताल से राहत दे रखी है, जिससे कर्मचारियों व अधिकारियों तथा पेंशनधारियों के भुगतान प्रभावित न हो। हड़ताली कर्मचारियों व अधिकारियों के साझा संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया है जबकि आरक्षण बचाओ समिति ने दावा किया है कि दलित वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल से विभागों के कामकाज को प्रभावित नहीं होने दिया। यह भी दावा किया है कि धीरे-धीरे पिछड़े व अगड़े वर्ग के लोग भी आरक्षण के समर्थन में आने लगे हैं। इनमें से कई लोगों ने शनिवार को कामकाज भी किया।
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जिलों में प्रदर्शन: हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों व अधिकारियों ने राजधानी लखनऊ सहित सभी जिलों में आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया और भाजपा व कांग्रेस को लोकसभा के अगले चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी। अवध के कई जिलों में हड़ताल का व्यापक असर दिखा जबकि कुछ स्थानों पर मिला-जुला असर दिखाई दिया। राजधानी लखनऊ में लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग में आज भी दिन भर ताले पड़े रहे।
उत्तराखंड की हड़ताल से बढ़ा उत्साह, सोमवार को शक्ति प्रदर्शन: उत्तराखंड में भी प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ अधिकारियों व कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के फैसले का असर भी शनिवार को यहां भी दिखाई दिया। हड़ताली पहले से ज्यादा उत्साह में नजर आए। ऐलान किया कि भाजपा व कांग्रेस न चेते तो देश भर में इन्हें नतीजें भुगतने होंगे। यह भी दावा किया गया कि सोमवार से हड़ताल का असर और अधिक दिखाई देगा। सोमवार को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करके केंद्र सरकार व भाजपा के न सुधरने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी गई।
अगड़ों व पिछड़ो पर कुठाराघात: राजधानी लखनऊ में हड़ताल कर्मचारियों ने शनिवार को भी भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। विधान भवन के सामने सभा में भाजपा व कांग्रेस पर अगड़ों व पिछड़ों के हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया गया। सभा को समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे, ए.ए. फारूकी, ओमप्रकाश पाण्डेय, एस.पी. सिंह, आर.पी. उपाध्याय, संजीव रतन, ओंकार नाथ तिवारी, कमलेश मिश्र, कायमरजा रिजवी, योगेन्द्र सिंह व संदीप राठौर ने संबोधित किया।