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लंदन के मेयर का भारतीय निवेशकों को न्यौता
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Nov 2012 09:09 PM IST
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लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन ने भारत को निवेश का न्यौता दिया है और साथ ही भारत सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी नीतियों में आवश्यक परिवर्तन कर बीमा जैसे क्षेत्रों को विदेशी निवेशकों के लिए खोले। जॉनसन लंदन के कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि लंदन एक वित्तीय और कारोबारी शहर है जहां भारतीय व्यवसायियों के लिए काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि कारोबार के मामले में लंदन और भारत के बीच एक दूसरे के अनुपूरक का रिश्ता है। मुझे लगता है कि कारोबार में साझेदारी की अकूत संभावनाएं हैं। लंदन निवेश के लिए मुफीद है और हम भारत में कारोबार और निवेश के लिए तैयार हैं।
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फिक्की के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में निवेश क्षेत्र के विकास की काफी संभावनाएं हैं। उल्लेखनीय है कि संसद के शीत कालीन अधिवेशन में बीमा विधेयक भी आएगा जिसमें बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी किया जाना है। जॉनसन ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारियों को शिक्षा, फिल्म निर्माण, मेडिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए। इन क्षेत्रों में विकास की काफी संभावनाएं हैं।
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भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड पर चल रही बातचीत पर उन्होंने कहा कि इससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। इस समझौते के होने से आयात के साथ सेवा के क्षेत्र में दोनों को कर का भार काफी कम हो जाएगा। इसकी चर्चा जून 2007 में शुरू हुई थी और उम्मीद है कि इस साल यह पूरा हो जाएगा। वीसा के मुद्दे पर जॉनसन ने कहा कि लंदन दुनिया भर से योग्य लोगों का स्वागत करता है जिनमें भारत भी शामिल है।
कार्यक्रम में मौजूद स्टैंडर्ड लाइफ के चेयरमैन गेरी ग्रिमस्टोन ने कहा कि विदेशी निवेश को लेकर भारत को घबराना नहीं चाहिए। भारत के 70 से भी अधिक कंपनियां लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। एचसीएल जैसी आईटी की दिग्गज कंपनी लंदन में है। भारत और ब्रिटेन के बीच 2011-12 में द्विपक्षीय कारोबार 16.25 अरब डॉलर का था।