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भारती-वालमार्ट की सफाई, नहीं अपनाया गलत तरीका
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Dec 2012 09:13 PM IST
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भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए लॉबिंग पर किए खर्च को लेकर मचे बवाल पर वालमार्ट ने एक बार फिर सफाई दी है। भारत में वालमार्ट की कंपनी भारती-वालमार्ट की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी में घोषित हुए लॉबिंग संबंधी नियमित विवरण के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना गलत है कि भारत में अनुचित तरीके अपनाए गए हैं।
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भारती-वालमार्ट के प्रवक्ता का कहना है कि अमेरिकी नियामक को दिए गए लॉबिंग विवरण का भारत के साथ राजनीतिक या सरकारी संपर्कों से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने माना है कि वाशिंगटन में उसके अधिकारियों की अमेरिकी अफसरों के साथ व्यापार और निवेश से जुड़े तमाम मुद्दों पर बातचीत हुई थी। कानून के मुताबिक कंपनी ने इसका विवरण दिया है।
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कंपनी का कहना है कि अमेरिकी कानून के तहत एक निश्चित सीमा से ज्यादा खर्च करने वाली सभी कंपनियों को हर तिमाही विवरण देना होता है। इसमें कर्मचारियों का खर्च, संगठनों की देनदारी और सलाहकारों का भुगतान भी शामिल हैं। वालमार्ट भी इसमें अपवाद नहीं है।
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लॉबिंग से जुड़ी गतिविधियों पर सालाना 11,500 डॉलर से ज्यादा खर्च करने वाले और कम-से-कम एक लॉबिस्ट की सेवा लेने वाले सभी संगठनों को तिमाही रिपोर्ट देनी होती है। वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में हजारों कंपनियां और लॉबिस्ट ने हजारों फार्म जमा किए थे।
भारती-वालमार्ट का कहना है कि वाशिंगटन डीसी के एक प्रकाशन के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में 143 संगठनों ने लॉबिंग पर 10 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च करने की जानकारी दी थी।