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एलआईसी बनी सरकारी विनिवेश के लिए संजीवनी
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 29 Mar 2013 09:37 PM IST
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सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी विनिवेश के लिए संजीवनी साबित हुई है।
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सरकार ने वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान सार्वजनिक उपक्रमों में अब तक जितनी हिस्सेदारी बेची है, उसके ज्यादातर शेयर एलआईसी ने खरीदे हैं। सरकार की ओर से आठ सार्वजनिक उपक्रमों में बेची गई हिस्सेदारी में से सात के शेयर एलआईसी ने लिए हैं।
हिस्सेदारी बेचकर सरकार चालू वित्त वर्ष में करीब 23,900 करोड़ रुपये की अच्छी खासी रकम जुटा चुकी है। सरकार की ओर से विनिवेश के जरिए जुटाई गई यह अब तक की रिकॉर्ड रकम है। इसके पहले 2009-10 के दौरान सरकार ने विनिवेश के जरिए 23,553 करोड़ रुपये जुटाए थे।
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भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, एनटीपीसी, रेल कोच फैक्ट्री, नाल्को, ऑयल इंडिया, एनएमडीसी और सेल जैसे सार्वजनिक उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेची है।
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वर्ष 1991-92 से शुरू की गई विनिवेश गतिविधियों से सरकार अब तक 1.37 लाख करोड़ रुपये जुटा चुकी है। वित्त वर्ष 2011-12 में सरकार ने ओएनजीसी और पीएफसी जैसी सार्वजनिक इकाइयों में हिस्सेदारी बेचकर 13,894 करोड़ रुपये जुटाए थे।
आंकड़ों के मुताबिक एलआईसी ने सरकार की ओर से एनटीपीसी में बेचे गए शेयरों में से 1,600 करोड़ रुपये के शेयर और एनडीएमसी के शेयरों में से 130 करोड़ रुपये के शेयर खरीद हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने हिंदुस्तान कापर, नाल्को और राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर में सरकार की ओर से बेचे गए शेयरों में से क्रमश: 211 करोड़, 210 करोड़ और 142 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।