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बीमा क्षेत्र में घट रही है एजेंटों की संख्या

Mon, 06 Jan 2014 01:48 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 06 Jan 2014 01:48 PM IST
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lic agents decrease in insurance sector

एक तरफ सरकार लगातार बीमा क्षेत्र की पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वहीं, ग्राहक और कंपनी के बीच रिश्ता बनाने वाले बीमा एजेंटों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। घटती संख्या पर बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) भी चिंता जता रहा है।

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साथ ही उसने बीमा कंपनियों को सलाह भी दी है कि वह एजेंटों की गिरती संख्या को गंभीरता से लें और इस दिशा में एक लाभकारी और टिकाऊ मॉडल तैयार करें, जिससे कि एजेंटों की घटती संख्या पर लगाम लगाई जा सके।
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इरडा की सालाना रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2012-13 में बीमा एजेंटों की संख्या 21.22 लाख पर आ गई है। जो मार्च 2012 तक 23.58 लाख थी। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के एजेंटों की संख्या में 1.06 लाख की कमी आई है। मार्च 2013 तक एलआईसी के पास एजेंट 12.78 लाख से घटकर 11.72 लाख रह गए हैं। वहीं निजी क्षेत्र की कंपनियों में एजेंट की संख्या 10.80 लाख से घटकर 9.49 लाख रह गई है।
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घटती संख्या पर इरडा का मानना है कि बीमा क्षेत्र में एजेंट की नौकरी कैरियर के मुताबिक बेहतर और स्थायी मानी जाती रही है। ऐसे में जिस तरह संख्या में कमी आ रही है, उससे एजेंट मॉडल पर भी लोगों में सवाल उठेंगे, जिसका असर बीमा क्षेत्र के विस्तार पर हो सकता है। इरडा की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2012-13 में एजेंटों की भर्ती कम हुई और छोड़ने वालों की संख्या अधिक रही।

इस अवधि 5.65 लाख एजेंट नियुक्त किए गए, तो 8.01 लाख एजेंटों ने या तो नौकरी छोड़ी या फिर उन्हें हटाया गया। साल 2012-13 में निजी क्षेत्र में 4.14 लाख एजेंट हटाए गए वहीं, एलआईसी में 3.87 लाख एजेंट हटाए गए।

एजेंटों की संख्या में कमी पर एक कंपनी के प्रबंध निदेशक ने अमर उजाला को बताया कि जीवन बीमा क्षेत्र में नए साल से कई सारे बदलाव अमल में आने शुरू हुए हैं। पिछले साल जीवन बीमा क्षेत्र में विस्तार रुक सा गया था।


कंपनियों का नए मानकों के तहत उत्पाद डिजाइन करने आदि पर ही जोर रहा, जिसका असर भी एजेंटों के कारोबार पर हुआ। इसके अलावा साधारण बीमा कंपनियों के हेल्थ इंश्योरेंस उत्पाद की बिक्री जीवन बीमा एजेंट के जरिए करने की इजाजत से भी नई एजेंटों की नियुक्तियों में कमी आई है।

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