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बीटूसी ई-कॉमर्स के लिए आसान किए जाएं नियम

Fri, 05 Dec 2014 09:08 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 05 Dec 2014 09:08 AM IST
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liberal regime for B2C ecommerce is needed

ई-कॉमर्स के विस्तार से घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और इससे मेक इन इंडिया अभियान को सफल बनाया जा सकेगा। इसके लिए जरूरी है कि बीटूसी ई-कॉमर्स के लिए नियमों को आसान बनाया जाए। ई-कॉमर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईसीएआई), ऑल इंडिया एमएसएमई एसोसिएशन (एआईएमए) और उद्योग संगठन एसोचैम ने सरकार से यह अनुरोध करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मेक इन इंडिया अभियान नई सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।

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संगठनों का कहना है कि ई-कॉमर्स का तेज विकास मेक इन इंडिया अभियान के अनुकूल है। इससे भौतिक बुनियादी ढांचे में निवेश की जरूरत कम हुई है और छोटे व मध्यम श्रेणी के उद्योगों को बढ़ावा मिला है। यदि घरेलू निर्माता सीधे ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने में समक्ष हो जाएं तो छोटे व मध्यम उद्योगों के विकास की रफ्तार तेज की जा सकती है। फिलहाल सरकार ने बीटूसी मॉडल के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों में विदेशी निवेश पर रोक लगा रखी है।
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एसोचैम के चेयरमैन (ई-कॉमर्स) बिक्की खोसला का कहना है कि बीते 2 से 3 सालों के दौरान ई-कॉमर्स ने मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है। देश के छोटे एवं मझोले उद्योगों को इससे सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है। ऐसा तब है जबकि इस सेक्टर के केवल आधे हिस्से (बी2बी) को ही मुक्त किया गया है। यदि पूरे क्षेत्र (बी2बी और बी2 सी) की गतिविधियों को मुक्त कर दिया जाए, तो ई-कॉमर्स देश के मैन्यूफैक्चरिंग उद्योग को पूरी तरह से बदल डालेगा।
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ई-कॉमर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव नासिर जमाल के अनुसार, मेक इन इंडिया अभियान देश की घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह से बदल देगा। ई-कॉमर्स ने बहुत कम समय में घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साबित की है, विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम उद्योग इससे बहुत अधिक लाभान्वित हुए हैं। अगर सरकार ई-कॉमर्स को बढ़ावा दे तो इसे और अधिक प्रोत्साहित किया जा सकता है।


ऑल इंडिया एमएसएमई एसोसिएशन में कन्वेनर (आईटी) अनुपम गुप्ता का कहना है कि ई-कॉमर्स देश में छोटे उद्योगों को बढ़ावा दे रहा है, इसे मेक इन इंडिया अभियान का भी योगदान मिल रहा है। सरकार इस क्षेत्र की बाधाओं को दूर कर ई-कॉमर्स के लिए बेहतर माहौल बनाए।

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