जानिए बैंक में क्यों नहीं क्लीयर होगा आपका चेक?
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यदि आप अभी भी नॉन सीटीएस चेक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक मई से उसके इस्तेमाल पर आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एक मई से बैंक आपके नॉन सीटीएस चेक को हफ्ते में केवल दो बार ही क्लीयर करेंगे। यानी आपको चेक क्लीयर कराने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यदि आप नॉन सीटीएस चेक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो असुविधा से बचने के लिए अपने बैंक से उसे नई चेक बुक से बदल लें।
भारतीय रिजर्व बैंक ने इससे पहले बैंकों को यह निर्देश दे रखा है कि एक जनवरी से वह धीरे-धीरे नॉन सीटीएस चेक के इस्तेमाल में कमी लाएं। इसके तहत जनवरी से अप्रैल तक जहां नॉन सीटीएस चेक हफ्ते में तीन बार क्लीयर हो रहे थे। वहीं मई से अक्टूबर तक हफ्ते में केवल दो बार क्लीयर होंगे। इसके बाद नवंबर से चेक हफ्ते में केवल एक बार क्लीयर होंगे।
क्या है सीटीएस प्रणाली
इसके तहत चेक क्लीयर करने के लिए बैंक आपके जमा किए गए चेक की तस्वीर का इस्तेमाल करेंगे। सभी क्षेत्रों के आपस में जुड़े होने से तस्वीर संबंधित शाखा में भेज दी जाएगी, और चेक बहुत कम समय में क्लीयर हो जाएगा।
इसे चेक ट्रंकेशन सिस्टम कहा जाता है। देश में अभी दो ग्रिड सिस्टम बनाए गए हैं। इसके तहत उत्तरी ग्रिड और दक्षिणी ग्रिड काम कर रहे हैं। उत्तरी ग्रिड नई दिल्ली में और दक्षिणी ग्रिड चेन्नई में हैं।
शुरूआत में उत्तरी ग्रिड के क्षेत्र में आने वाले शहरों को और दक्षिणी ग्रिड के क्षेत्र में आने वाले शहरों को जोड़ा जा रहा है। बाद में दोनो ग्रिड को आपस में जोड़ दिया जाएगा।