जानिए 20 सालों में कितने विमानों की होगी जरूरत?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी बोइंग ने अगले 20 साल में 36,770 नए विमानों की मांग आने का अनुमान जताया है। पिछले साल के मुकाबले कंपनी ने नए विमानों की मांग बढ़ने के अपने अनुमान में 4.2 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
कंपनी के मुताबिक इन नए विमानों की कुल कीमत 52 खरब डॉलर होगी। बोइंग की ओर से लंदन में जारी सालाना करंट मार्केट आउटलुक (सीएमओ) में यह जानकारी सामने आई है।
बोइंग कमर्शियल एयरप्लेन्स के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) रैंडी टिंसेथ का कहना है कि नए विमानों का बाजार मजबूत है। नए और अधिक कुशल हवाई जहाजों के सेवा में आने से हवाई यात्रा की ग्रोथ बढ़ेगी।
सेवाओं का विस्तार होने से यात्री अपने मनमुताबिक गंतव्य और समय पर यात्रा करने में सक्षम हो सकेंगे, जिससे हवाई यात्राओं में तेजी आएगी।
160 सीट वाले विमानों की रहेगी ज्यादा मांग
कंपनी के सीएमओ के मुताबिक छोटे विमानों (सिंगल गलियारे वाले) की मांग में तेजी आएगी। सस्ती उड़ान सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के विस्तार से छोटे विमान सेगमेंट का काफी तेजी से विस्तार होगा।
अनुमान के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान इस सेगमेंट में 25,680 नए विमानों की जरूरत पड़ेगी, जो कुल विमानों की मांग का 70 फीसदी होगा।
टिंसेथ का कहना है कि विमानों के उत्साहजनक ऑर्डर और आपूर्ति के आधार देखा जाए तो 160 सीट वाले विमानों की मांग बहुत अधिक रहेगी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जहां नेटवर्क फ्लेक्सबिलिटी और सस्ते हवाई यात्रा की जरूरत है, वहां मार्केट कनवर्जन सिंगल गलियारे वाले विमान सेगमेंट में तेजी से हो रहा है।
इस मिडसाइज सेगमेंट में अगली पीढ़ी के 737-800 और नए 737 एमएएक्स 8 विमान हमारे ग्राहकों के लिए अधिक राजस्व जुटाने में सक्षम है।