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नौकरियां तो बहुत पर नहीं हैं टेक्निकल डिग्री वाले
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 28 May 2013 10:31 PM IST
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अगर आपके पास आईटी, इंजीनियरिंग, एकाउंटिंग, फाइनेंस या कारोबारी जगत से जुड़ी कोई तकनीकी दक्षता है तो आने वाले दिनों में नौकरी के लिए शायद आपको बहुत भटकना नहीं पड़ेगा।
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एक सर्वे के मुताबिक कंपनियां इन क्षेत्रों में कार्य कुशल और ऊंची दक्षता वाले कर्मचारियों को हाथों-हाथ ले रही हैं, क्योंकि दस में से सात नियोक्ताओं को ऐसे कामों के लिए अच्छे कर्मचारी ढूंढ पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कर्मचारियों के बारे में अध्ययन व सेवाएं उपलब्ध कराने वाली फर्म मैनपावर ने अपने हालिया सर्वे में कुछ ऐसी ही बात कही है। मैनपावर के सालाना टैलेंट शॉर्टेज सर्वे के मुताबिक एकाउंटिंग, फाइनेंस, आईटी व इंजीनियरिंग से जुड़े कामों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों को ढूंढ पाने में दस में से छह भारतीय नियोक्ता परेशानी महसूस कर रहे हैं।
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सर्वे में बताया गया है कि देश के करीब 61 फीसदी नियोक्ताओं को अपनी कंपनी में खाली पड़े पदों को भरने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार ढूंढ़ने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है, जबकि ग्लोबल स्तर पर यह आंकड़ा औसतन 35 फीसदी पर है।
मैनपावर ग्रुप इंडिया के एमडी एजी राव का कहना है कि कारोबारी क्षेत्र ने यह मान लिया है कि उनकी जरूरत के अनुरूप प्रतिभाओं की कमी एक दीर्घकालीन और लगातार बनी रहने वाली समस्या है। कॉरपोरेट क्षेत्र इस समस्या के समाधान के लिए उपाय करने का इरादा भी रखता है, पर उनको सही दिशा-निर्देशन की जरूरत है।
ग्लोबल आंकड़ों की बात करें तो नौकरी के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों की कमी सबसे ज्यादा जापान में 85 फीसदी पर है। ब्राजील में यह कमी 68 फीसदी और भारत में 61 फीसदी है। इसके बातद टर्की और हांगकांग में यह आंकड़ा 58 फीसदी के स्तर पर है।
इसके विपरीत योग्य उम्मीदवारों की कमी को लेकर सबसे ज्यादा बेफिक्र आयरलैंड और स्पेन के नियोक्ता हैं, जहां कमी का यह आंकड़ा महज तीन फीसदी पर है। दक्षिण अफ्रीका में दक्ष कर्मचारियों की कमी महज छह फीसदी, नलदरलैंड्स और चेक गणराज्य में में नौ फीसदी पर है।
भारत के बारे में सर्वे में बताया गया है कि यहां कंपनियों को सबसे ज्यादा परेशानी एकाउंटिंग, फाइनेंस व आईटी के क्षेत्र में प्रतिभावान लोगों को ढूंढ़ने में हो रही है। एकाउंटिंग के क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों की कमी का एक बड़ा कारण पिछले कुछ साल से चल रही ग्लोबल आर्थिक सुस्ती को बताया गया है, जिसके चलते इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आने वाले प्रतिभावान लोगों की संख्या में गिरावट आई है।
इसके अलावा आईटी संबंधी जानकारी वाले कर्मचारियों को लेकर भी कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इंटरनेट के विस्तार से कारोबारी कामकाज बहुत हद तक ऑनलाइन होता जा रहा है। ऐसे में कामकाज का सुचारु रूप से चलाने लिए आईटी क्षेत्र का सहज ज्ञान रखने वाले कर्मचारी बहुत जरूरी हो गए हैं।