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एतिहाद खरीदेगी जेट की 24% हिस्सेदारी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2013 12:12 AM IST
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जेट एयरवेज ने आबूधाबी की एतिहाद एयरवेज को 24 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है।
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दोनों एयरलाइंस के बीच काफी दिनों से बातचीत चल रही थी। बुधवार को जेट एयरवेज के कंपनी बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है।
करीब 2,058 करोड़ रुपये में 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के अलावा एतिहाद जेट को इतनी ही राशि बतौर कर्ज भी मुहैया करा सकती है।
इस सौदे से एतिहाद के लिए भारत में विस्तार का रास्ता खुलेगा, जबकि जेट को 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी।
दूसरी ओर यह सौदा यात्रियों के लिए ज्यादा उड़ानें व बेहतर सेवाओं के के विकल्प उपलब्ध कराएगा। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किराए में भी राहत मिल सकती है।
बुधवार को जेट एयरवेज में बांबे स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि कंपनी के निदेशक मंडल ने करीब 2.73 करोड़ शेयर 754.74 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से प्राथमिकता के आधार पर एतिहाद को देने को मंजूरी दी है। यह कीमत जेट के शेयरों के मौजूदा भाव से करीब 30 फीसदी ज्यादा है।
गत सितंबर में मिली 49 फीसदी एफडीआई की छूट ने आर्थिक दिक्कतों में फंसे विमानन उद्योग में उम्मीदें जगा दी हैं।
टाटा और एयर एशिया के बीच साझेदारी के बाद जेट-एतिहाद का सौदा न सिर्फ पूंजी निवेश को बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय शहरों का मध्य-पूर्व एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से हवाई संपर्क भी बढ़ेगा।
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एविएशन एक्सपर्ट कपिल कौल का कहना है कि यह ऐतिहाद और जेट दोनों के लिए अच्छा मौका है। जेट को पूंजी के अलावा सस्ते ईंधन के आयात और कोड शेयरिंग के जरिए इंटरनेशनल नेटवर्क के विस्तार में मदद मिलेगी।
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खाड़ी देशों की उड़ानें बढ़ेंगी
जेट-एतिहाद समझौते से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हवाई सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय समझौते की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल दोनों देशों के बीच प्रति सप्ताह 14 हजार हवाई सीटों की अनुमति है।
इसे बढ़कर 42 हजार करने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। जेट एयरवेज एतिहाद के जरिए 23 भारतीय शहरों से खाड़ी देशों की सीधी उड़ान का प्रस्ताव नागर विमानन मंत्रालय को सौंप चुकी है।
जेट को फायदा
- कर्ज का बोझ हल्का करने के लिए पूंजी मिलेगी।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालन के लिए अनुभवी भागीदार मिलेगा।
- मध्य-पूर्व एशिया, अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में ऐतिहाद के जरिए नेटवर्क बढ़ेगा।
- आबू धाबी में सस्ते पेट्रोलियम का फायदा मिल सकता है। पिछले साल जेट का ईंधन खर्च 11 फीसदी बढ़ा है।
ऐतिहाद को फायदा
- चुनौतीपूर्ण, लेकिन संभावनाओं वाले भारतीय बाजार में एंट्री का रास्ता खुलेगा।
- कई भारतीय शहरों से खाड़ी देशों को जाने वाले यात्रियों में ऐतिहाद की पहुंच बढ़ेगी।
- कतर और अमीरात एयरवेज से प्रतिस्पर्धा में मिलेगा फायदा।
यात्रियों को फायदा
- नई एयरलाइंस के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- खाड़ी देशों के लिए ज्यादा शहरों से उड़ानें शुरू होंगी।
- कतर, अमीरात और एतिहाद की प्रतिस्पर्धा में टिकट सस्ते होंगे।
इस भागीदारी से दोनों कंपनियों को ग्लोबल स्तर पर लाभ होगा। इससे कंपनी का तत्काल प्रभाव से राजस्व बढ़ जाएगा। हमारे कारोबारी मॉडल के भारत एक महत्वपूर्ण बाजार है, इस करार से हम बाजार में और अधिक प्रतियोगी हो जाएंगे।
- जेम्स होगन, प्रेसिडेंट और सीईओ, ऐतिहाद एयरवेज
मैं भारत सरकार और खासकर एविएशन, वाणिज्य और वित्त मंत्रालय को एविएशन सेक्टर में एफडीआई के अनुमति के ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद करता हूं। एफडीआई आने से एविएशन सेक्टर की आर्थिक हालत में सुधार होगा।
- नरेश गोयल, चेयरमैन, जेट एयरवेज