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जापानी कंपनियों को झेलनी पड़ रही हैं परेशानियां

Fri, 27 Feb 2015 10:56 AM IST
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया Updated Fri, 27 Feb 2015 10:56 AM IST
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Japan says its companies facing series of problems in India

देश में कारोबार के माहौल को सुगम बनाने के मोदी सरकार के दावों और प्रयासों के बीच जापान ने अपनी कंपनियों को भारत में कई तरह की परेशानियां होने की बात कही है। जापान के राजदूत ताकेशी यागी ने कहा है कि भारत में जापानी कंपनियों को कर और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और इस परेशानी का दूर तक कोई समाधान नहीं दिखाई नहीं दे रहा है। जापानी राजदूत के इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक झटका माना जा रहा है।

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उद्योग संगठन सीआईआई की ओर से आयोजित इंटरनेशनल इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी फेयर 2015 (आईईटीएफ) के तहत एक सम्मेलन में जापानी राजदूत ने कहा कि भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय कारोबार और निवेश को बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं, पर मौजूदा समय में इसमें एक ठहराव देखने को मिल रहा है। इसके आंकड़े संतोषजनक नहीं हैं। ताकेशी यागी ने कहा कि जापानी कंपनियों को भारत में सीमा शुल्क (कस्टम), कराधान और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि भारत की नई सरकार द्वारा शुरू की गई नई नीतियों और अभियानों को अमली जामा पहनाया जाएगा। कानूनी और प्रशासनिक कदम उठा कर इन्हें मूर्त रूप दिया जा सकता है। जापानी निवेशक भारत में निवेश के लिए तैयार हैं, पर इसके लिए कई मुद्दों को तेजी से सुलझाए जाने की जरूरत है।
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गौरतलब है कि जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे ज्यादा आशान्वित हैं। जापान के राजदूत का यह बयान इस उम्मीद को कहीं न कहीं झटका देने वाला लग रहा है। यह इस बात का संकेत दे रहा है कि भले ही भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों के बीच संबंध काफी काफी समन्वयपूर्ण हों, पर दोनों देशों के बीच कारोबार और निवेश बढ़ाने को लेकर धरातल पर अबतक कुछ खास नहीं हो पाया है। यह स्थिति भारत द्वारा जापान को निवेश के लिहाज से खास दर्जा दिए जाने के बावजूद है।


इसके अलावा सरकार ने  जापान से आने वाले निवेश में आड़े आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए उद्योग मंत्रालय में एक विशेष प्रकोष्ठ भी हाल ही में शुरू किया है। साथ ही औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने जापानी कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जापान प्लस डेस्क भी शुरू कर रखी है।

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