{"_id":"37b7eff83a6b490db44df3f2ab6fbd36","slug":"it-will-not-be-easy-to-achieve-export-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसान नहीं होगा निर्यात लक्ष्य को हासिल करना","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
आसान नहीं होगा निर्यात लक्ष्य को हासिल करना
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2014 08:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चालू वित्त वर्ष 2014-15 में निर्यात लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा। गत वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान निर्यात में 10 फीसदी की बढ़ोतरी लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सका था। चालू वित्त वर्ष के लिए 340 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य तय किया गया है। निर्यातकों के मुताबिक निर्यात लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार को ब्याज दरों में पिछले वित्त वर्ष तक मिलने वाली छूट को जारी रखना होगा। इससे छोटे निर्यातकों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से नवंबर तक में कुल 215.7 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। इस लिहाज से 340 अरब डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए आगामी चार महीनों में 125 अरब डॉलर का निर्यात करना होगा। निर्यातकों के मुताबिक वैश्विक सुस्ती और यूरोप, जापान, चीन जैसे देशों में निर्यात मांग में कमी की वजह से अगले चार महीने तक हर माह 30 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करना आसान नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
इस साल नवंबर में 7.27 फीसदी की बढ़ोतरी के बावजूद कुल 25.9 अरब डालर का निर्यात रहा। निर्यातकों का कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि अगले चार महीने तक निर्यात की बढ़ोतरी दर सकारात्मक रहे क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी इस बात को दर्शाता है कि विश्व में हर तरफ मांग में कमी हो रही है।
विज्ञापन
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष रफीक अहमद का कहना है कि निर्यात लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन सरकार को छोटे निर्यातकों को ब्याज दरों पर मिलने वाली छूट को फिर से शुरू करना होगा। ताकि छोटे निर्यातक भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुकाबला कर सके। इस साल 31 मार्च के बाद छोटे निर्यातकों को ब्याज दरों पर मिलने वाली छूट को जारी रखने की घोषणा नहीं की गई है।