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ग्लोबल नरमी देगी आईटी उद्योग को चोट

Thu, 22 Nov 2012 07:51 PM IST
चंडीगढ़/एजेंसी
चंडीगढ़/एजेंसी Updated Thu, 22 Nov 2012 07:51 PM IST
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it sector likely to grow at 11 pc this fiscal

ग्लोबल स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितता का बुरा असर देश के आईटी उद्योग पर भी पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। इसका संकेत देते हुए देश की अग्रणी आईटी कंपनी इनफोसिस के एक्जीक्यूटिव को-चेयरमैन एस गोपालकृष्णन ने आशंका जताई है कि मौजूदा वित्त वर्ष में देश के आईटी उद्योग की विकास दर महज 11 फीसदी पर सिमट सकती है।

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पिछले साल तमाम कठिनाइयों के बावजूद यह 16-17 फीसदी के दायरे में रही थी, जबकि ग्लोबल आईटी उद्योग की विकास दर महज 5.4 फीसदी रही थी। गोपालकृष्णन ने कहा कि ग्लोबल अर्थव्यवस्था एक चुनौती भरे दौर से गुजर रही है और इसका असर देश के आईटी उद्योग पर भी पड़ेगा, जिसके चलते आईटी उद्योग की विकास दर 11 फीसदी के दायरे में रहने के आसार हैं।
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उन्होंने कहा इसका असर आईटी उद्योग में रोजगार की संभावनाओं पर भी पड़ेगा, हालांकि इसके बावजूद कंपनियां नई नियुक्तियां करेंगी। नई नौकरियों की प्रक्रिया में हालांकि धीमापन आएगा, पर इसके बीच भी देश के आईटी सेक्टर में इस साल करीब ढाई लाख नई नौकरियां मिलने की संभावना है।
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उन्होंने बताया कि आईटी उद्योग का देश की अर्थव्यवस्था में करीब 7.5 फीसदी का योगदान है और इस सेक्टर में करीब 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। आईटी सेक्टर में नजर आ रही मौजूदा सुस्ती को एक अस्थायी समस्या बताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि 2020 तक देश के आईटी उद्योग का आकार बढ़कर 300 अरब डॉलर के करीब पहुंच जाएगा और इस सेक्टर में काम करने वालों की संख्या 50 से 60 लाख तक पहुंच जाएगी।

वित्त वर्ष 2011-12 में देश के आईटी उद्योग का टर्नओवर करीब 100 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 70 फीसदी राशि अमेरिका और यूरोप से प्राप्त होगी। आईटी के ग्लोबल बाजार की भावी दिशा के बारे में गोपालकृष्णन ने कहा कि यदि ग्लोबल अर्थव्यवस्था अगले दो-तीन साल में पटरी पर नहीं लौटती तो देश की आईटी कंपनियों को रूस, चीन, इंडोनेशिया और मैक्सिको जैसे उभरते हुए बाजारों की ओर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा।


इन नए बाजारों में बढ़त बनाकर देश का आईटी उद्योग खुद को ग्लोबल आईटी उद्योग की अपेक्षा अधिक रफ्तार से आगे बढ़ा सकेगा। उन्होंने कहाकि मुश्किल दौर होने के बावजूद आईटी उद्योग ज्यादा से ज्यादा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट हासिल करने की ओर कदम बढ़ाता रहेगा और विलय व अधिग्रहण संबंधी सौदे भी इस सेक्टर में होते दिखाई देंगे। इसके बावजूद उद्योग को नई प्रतिभाओं को विकसित करने और सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करते रहना होगा।

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