चुटकुलों से आयकरदाताओं को रिझा रही कंपनियां
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आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है और रिटर्न भरवाने वाली कंपनियां आयकर दाताओं को रिझाने में जुट गयी हैं।
अपने ग्राहकों से टैक्स रिटर्न समय से भरवाने के लिए कंपनियां साल दर साल सादे ई-मेल से सूचना देने के बजाय तरह-तरह के उपाय इस्तेमाल करती हैं। कभी फाइन लगने के नाम पर,तो कभी जग हसायी होने के नाम पर ग्राहकों को डराया जाता है।
इस बार एक कंपनी ने चुटकुले का सहारा लिया है।
गौरतलब है कि यह केवल सरकार की मदद करने का तरीका नहीं है वरन अपनी सेवाओं का प्रचार भी कंपनियां इस प्रकार कर रही है, क्योंकि वे ग्राहकों से इस कार्य का अच्छा खासा पैसा लेती हैं।
ये है चुटकुला
इस ई-मेल में कहा गया है कि आपका टैक्स रिटर्न फार्म मान्य नहीं होगा क्योंकि उसमें आपके आश्रितों की जानकारी नहीं है।
इस पर ग्राहक जवाब देता है कि 65 फीसद देश की जनता जो टैक्स नहीं भरती है,21 मिलियन अवैध आप्रवासी,देश के 1382 जेलों में बंद नौ लाख अपराधी और कई अन्य। इस पर जवाब आता है कि ये मान्य नहीं है।
इस पर ग्राहक का चकरा जाता है और आयकर रिटर्न भर्ता से पूछता है कि आप ही बताएं मैं किसको भूल गया हूं?
आगे लिखा होता है ये तो मजाक था,पर क्या आपने अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है, अगर नहीं तो जल्दी करें वरना 5000 रुपए फाइन लगेगा।