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गुड़गांव से कारोबार समेट रही आईटी बीपीओ कंपनियां
गुड़गांव/सुरेंद्र दलाल
Updated Fri, 10 May 2013 12:14 AM IST
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आईटी बीपीओ के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले गुड़गांव से अब आईटी बीपीओ कंपनियां अपना कारोबार समेट रही हैं।
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सरकार की ओर से गुड़गांव आईटी बीपीओ के लिए 2012-13 के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया था, जो महज 24 हजार करोड़ पर ही अटक गया।
गुड़गांव से पिछले तीन साल में करीब दर्जन भर कंपनियां पलायन कर चुकी हैं। आईटी-बीपीओ कंपनियों को अब नोएडा व ग्रेटर नोएडा भा रहे हैं।
सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में करीब दो लाख युवाओं को रोजगार मिला हुआ है। गुड़गांव में 180 बीपीओ और करीब 100 केपीओ काम कर रहे हैं। इन कंपनियों का वर्ष 2008-09 में 18 हजार करोड़ रुपये का सालाना कारोबार था।
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वर्ष 2009-10 में यह करीब 23 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद मंदी के चलते इस कारोबार में लगातार गिरावट रही। 2012-13 में इस इंडस्ट्री से करीब 30 हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।
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बीते वित्त वर्ष में करीब 24 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। नैस्काम के सर्वे के अनुसार गुड़गांव में आईटी बीपीओ का विस्तार नहीं हो पा रहा।
हरियाणा सरकार की ओर से भी इस इंडस्ट्री में बूम लाने के लिए अब तक नई योजनाएं तैयार नहीं की गई, जिस कारण यहां कारोबार की रफ्तार धीमी होती गई।
गुड़गांव में अधिक खर्च होने के कारण छोटी कंपनियों ने अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा बी क्लास के शहरों को चुना है।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा में आवासीय बेहतर सुविधा व प्रॉपर्टी सस्ती होने के कारण कंपनियों ने इसे अपनाया है। एनसीआर के यह दोनों शहर गुड़गांव के लिए चुनौती बन गए हैं।
हरियाणा आईटी टेलीकॉम एंड इनेबल्ड इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेजीडेंट डॉ. प्रदीप यादव ने कहा कि पिछले तीन साल से इस इंडस्ट्री में गिरावट आ रही है, जिसके पीछे कई कारण हैं।
एसोसिएशन ने पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी को पिछले महीने एक मेमोरेंडम दिया है, जिसमें 10 की प्रोजेक्ट की सूची दी गई है। जिन पर सरकार की ओर से सहयोग मिले तो इस इंडस्ट्री में 40 प्रतिशत की ग्रोथ होगी।
नहीं बन सका आईटी इनेबल्ड पार्क
हरियाणा सरकार की ओर से पांच साल पहले धारूहेड़ा के पास आईटी इनेबल्ड पार्क बनाने का एलान किया गया था।
करीब 200 एकड़ में विकसित किए जाने वाले इस पार्क में दो हजार से अधिक आईटी उद्योगों को बसाया जाना था। इसमें करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान लगाया गया था, जिस पर अब तक काम नहीं हो सका।
यूएस से नहीं मिल रहा काम
आईटी इंडस्ट्री की एक्सपर्ट विनीता ने कहा कि पिछले दो तीन साल से यूएस से कारोबार नहीं मिल रहा। यूएस में नीतियों में बदलाव कर वहां आऊटसोर्स कराया जा रहा है। कुछ काम कनाडा में कराया जाने लगा है। जिसका काफी असर गुड़गांव पर पड़ा। हमें समय के साथ अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा।
प्रमुख आईटी बीपीओ
विप्रो, एचसीएल, एचटीएमटी, आईएनसी, प्रोग्रेन, दक्ष, एसेंचर सर्विस, आईगेट ग्लोबल, ट्रांसवर्क, जैनपेक्ट ,वीएनएस, हीरो, डब्ल्यूएनएस, टीसीएस, आईबीएम, सिग्मा, केएलजी, जीई कैपिटल, ज्वाय वेंचर, स्नोवियर, कैंपएक्स, इयोन आदि।