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सिंगल ब्रांड की पाबंदिया बन रही बाधक

Mon, 24 Dec 2012 10:52 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 24 Dec 2012 10:52 PM IST
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ischia concept dominated barriers of single brand

सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की छूट के बावजूद इस क्षेत्र में निवेश की राह आसान नहीं दिख रही है। देश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी कर रहे स्वीडन के फर्नीचर व इंटीरियर रिटेलर आईकिया का कॉन्सेप्ट यहां सिंगल ब्रांड की पाबंदियों में उलझता जा रहा है। इसे देखते हुए आईकिया ने सरकार से स्टोर के अंदर कैफे खोलने और ज्यादा प्रोडक्ट बेचने की छूट मांगी है।

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औद्योगित नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) से मिली जानकारी के मुताबिक, आईकिया ने अपने स्टोर में कैफे खोलने और ज्यादा उत्पाद बेचने की छूट दिए जाने का अनुरोध करते हुए दोबारा आवेदन किया है। कंपनी सिंगल ब्रांड के हिसाब से उत्पादों की संख्या सीमित रखने को तैयार है लेकिन कैफे जरूर खोलना चाहती है। डीआईपीपी ने आईकिया के कुछ प्रस्तावों का समर्थन करते हुए इसे विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को भेज दिया है। बोर्ड की आगामी बैठक में इस मामले पर विचार कर सकता है।
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गत 20 नवंबर को एफआईपीबी ने कई शर्तों के साथ आईकिया के सिंगल ब्रांड रिटेल स्टोर खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत कंपनी को सिर्फ अपने ब्रांड के उत्पाद बेचने की अनुमति दी गई है जबकि अन्य ब्रांड के टैक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक, लैदर और फूड प्रोडक्ट बेचने पर पाबंदी है। इससे कंपनी के स्टोर में कैफे खोलने का रास्ता भी बंद हो गया है। विश्व के सबसे बड़ी फर्नीचर रिटेलर आईकिया के 44 देश में करीब 336 स्टोर है जो अपने विशाल आकार, खास कॉन्सेप्ट और कैफे से ही जाने जाते हैं। लेकिन भारत में सिंगल ब्रांड रिटेलिंग के तहत मिली मंजूरी की वजह से इसके उत्पादों की संख्या सीमित हो गई है।
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आईकिया के मामले पर रिटेल जगत की बाकी दिग्गज कंपनियों की निगाहें भी टिकी हैं। सिंगल ब्रांड को सरकार किस तरह परिभाषित करती है, इस पर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अगर आईकिया को रिटेल एफडीआई के तहत कैफे खोलने की छूट मिलती है तो कई दूसरी कंपनियां भी ऐसी छूट का दावा कर सकती हैं। फूड और कैफे क्षेत्र की कई जानी-मानी कंपनियां भारतीय बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं।

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