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इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर चिदंबरम पर रहेगा जोर

Tue, 18 Feb 2014 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 18 Feb 2014 10:28 AM IST
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infrastructure sector will get boost

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 2014-15 का अंतरिम बजट पेश करते हुए यह बताया कि यूपीए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया है और यह सरकार के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है।

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वित्त मंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी के साथ-साथ और रेल ट्रैक, बंदरगाह, सड़क एवं हाइवे का तेजी से विस्तार किया गया।

अटकी बड़ी परियोजनाओं को त्वरित मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट (सीसीआई) का गठन किया गया, जो अब तक करीब 6.60 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है।
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सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। वित्तवर्ष 2012-13 और चालू वित्तवर्ष 2013-14 के पहले नौ महीने में 29,350 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता, 3,928 किमी के राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 39,144 किमी की ग्रामीण सड़कें, 3,343 कमी के नए रेल ट्रैक और बंदरगाहों में प्रति वर्ष 21.75 करोड़ टन की क्षमता जोड़ी है।
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वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा 19 तेल एवं गैस ब्लॉक अन्वेषण के लिए दिए गए और सात नए हवाई अड्डों का काम चल रहा है।

वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आर्थिक जरूरतें पूरी करने और बैंकिंग सेक्टर पर बढ़ते कर्ज का दबाव कम करने के लिए इंफ्रा डेट फंड को भी आसान बनाया गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए अधिक आवंटन की वकालत करते हुए चिदंबरम ने कहा कि रक्षा, रेलवे, नेशनल हाइवे और टेलीकॉम के लिए अधिक फंड उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

इंफ्रा में बड़े निवेश पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए किए जाने चाहिए। गौरतलब है कि 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को 10 खरब डॉलर की जरूरत होगी।

देश के इंफ्रा सेक्टर में तेजी लाने के उपायों के बारे में चिदंबरम ने बताया कि बड़ी मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों की उत्पादन क्षमता में विस्तार किया गया। नेशनल इनवेस्टमेंट एंड मैन्यूफैक्चरिंग जोर (एनआईएमजेड) और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर (डीएमआईसी) की घोषणा की गई।


डीएमआईसी ट्रस्ट ने नौ परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। बजट दस्तावेज के मुताबिक तीन और इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर चेन्नई और बंगलूरू, बंगलूरू व मुंबई और अमृतसर और कोलकाता को जोड़ेंगे, इनका प्रारंभिक निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में है।

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