फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   infra projects will get loan easily

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को कर्ज मिलना होगा आसान

Thu, 07 Aug 2014 09:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला दिल्ली Updated Thu, 07 Aug 2014 09:13 PM IST
विज्ञापन
infra projects will get loan easily

सुस्त पड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में जान फूंकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा बड़े प्रोजेक्ट्स को कर्ज देना बैंकों के लिए आसान कर दिया है। बैंक 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट को अब कहीं आसानी से कर्ज दे सकेंगे। रिजर्व बैंक ने ऐसे प्रोजेक्ट के लिए रिफाइनेंसिंग नियमों में ढील दे दी है।

विज्ञापन


इसके तहत बैंक बड़े प्रोजेक्ट के लिए दिए गए कर्ज को दूसरे बैंक को आसानी से बेच सकेंगे। यानी बैैंकों के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स के लोन टेकओवर करना अब कहीं ज्यादा आसान होगा।बृहस्पतिवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार बैंक ऐसे प्रोजेक्ट जिनकों कई बैंकों ने मिलकर 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया है। उन पर 50 फीसदी लोन टू वैल्यू का नियम अब लागू नहीं होगा।
विज्ञापन


इसका मतलब यह है कि अगर कोई बैंक उस प्रोजेक्ट के तहत दिए गए कर्ज को दूसरे बैंक से टेकओवर करना चाहता है, तो उसे यह देखना जरूरी नहीं होगा, कि प्रोजेक्ट की मौजूदा लागत बचे कर्ज से 50 फीसदी ज्यादा हो। बैंक अब 25 फीसदी ज्यादा लागत पर ऐसे प्रोजेक्ट का कर्ज टेकओवर कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि वह कर्ज बैंक की बुक में स्टैण्डर्ड हो। इसके अलावा प्रोजेक्ट का निर्माण अवधि की तिथि पूरा होने के बाद उसका ऑपरेशनल हो जाना भी जरूरी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आरबीआई के कदम से इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे प्रमुख उद्योगों के लिए बैंक अब आसानी से कर्ज दे सकेंगे। ऐसा इसलिए हैं कि बैंक ज्यादातर 7-8 साल के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स को कर्ज देते हैं, उसके बाद आगे की अवधि के लिए दूसरे बैंक उस कर्ज का टेकओवर कर लेते हैं। 50 फीसदी की सीमा 25 फीसदी करने से बैंकों के लिए ऐसे प्रोजेक्ट को कर्ज देना आसान होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed