एफडी से ज्यादा ब्याज देगा इंफ्रास्ट्रक्चर बांड
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देश के प्रमुख बैंक आरबीआई की अनुमति के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर बांड लाने की तैयारियों में जुए गए हैं। बैंकर्स के अनुसार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वह एफडी की तुलना में करीब 1 से 1.5 फीसदी ज्यादा ब्याज देंगे। ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि के निवेश पर 10 फीसदी या उससे थोड़ा ज्यादा का ब्याज मिल सकेगा।
बैंकों की एफडी की तुलना में 1-1.5 फीसदी मिल सकता है ज्यादा ब्याज एंजेल ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट वैभव अग्रवाल के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर बांड को आकर्षक बनाने के लिए बैंक निश्चित तौर पर एफडी की तुलना में ज्यादा ब्याज देंगे। मौजूदा सरकारी बांड पर मिलने वाले रिटर्न से तुलना की जाय, तो इंफ्रास्ट्रक्चर बांड पर 1-1.5 फीसदी तक ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।
बैंक न्यूनतम सात साल की परिपक्वता अवधि का बांड ला सकेंगे।पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेश के.आर.कामत ने अमर उजाला को बताया कि रिजर्व बैंक ने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए लंबी अवधि के बांड लाने की इजाजत दी है। अभी बैंकों की एफडी में ज्यादातर निवेश एक साल तक की जमाओं पर हो रहा है। नए नियमों के आने से इंफ्रास्ट्रक्चर बांड कहीं ज्यादा आकर्षक होंगे।
अग्रवाल के अनुसार हालांकि शुरूआत में संस्थागत निवेशक की बांड में हिस्सेदारी ज्यादा रहेगी। बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर बांड में निवेश के लिए तभी आकर्षण बढ़ेगा, जब उस पर एफडी से ज्यादा रिटर्न मिले।
आरबीआई ने भी सीआरआर और एसएलआर प्रावधानों को इंफ्रास्ट्रक्चर बांड के लिए खत्म कर दिया है। ऐसे में इसका फायदा बैंक ग्राहकों को ऊंची ब्याज दरों के रुप में दे सकेंगे।