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इंफोसिस में भी काम कम और राजनीति हो रही ज्यादा!

Fri, 03 Jan 2014 09:12 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Jan 2014 09:12 PM IST
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Infosys politics much less work!

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इंफोसिस में काम कम और राजनीति ज्यादा हो रही है।

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देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इन्फोसिस ने अपने कारोबारी ढांचे का पुनर्गठन किया है। इस पुनर्गठन में कारोबार को दो डिविजन में बांटा गया है।

एक को बीजी श्रीनिवास हेड करेंगे जबकि दूसरे को यूबी प्रवीन राव हेड करेंगे। एसडी शिबुलाल की सेवानिवृत्ति के बाद इन दोनों में से एक को उनका उत्तराधिकारी बताया जा रहा है। फिलहाल कंपनी के सभी बड़े फैसले एक्जीक्यूटिव कौंसिल लेती है। आगामी 1 अप्रैल से यह कौंसिल भंग हो जाएगा।
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श्रीनिवास जिस डिविजन को देखेंगे उसमें वित्तीय सेवाएं, बीमा, उत्पादन, इंजीनियरिंग सेवा, ऊर्जा और संचार, इन्फोसिस पब्लिक सर्विसेज, इन्फोसिस लोडस्टोन, स्ट्रैटेजिक ग्लोबल सोर्सिंग, मार्केटिंग और एलायंस का कारोबार होगा। यह जानकारी कंपनी ने दी है।
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राव के अंतर्गत रहने वाली डिविजन में रिटेल, कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स एंड लॉजिस्टिक्स, लाइफ साइंसेज, रिसोर्सेज एंड यूटिलिटीज, सर्विसेज, ग्रोथ मार्केट, क्लाउड एंड मोबिलिटी, क्वालिटी एंड प्रोडक्टिविटी और इंन्फोसिस लीडरशिप इंस्टीट्यूट का काम होगा।

दोनों अधिकारियों का पद प्रेसिडेंट का होगा और दोनों इन्फोसिस के सीईओ और एमडी एसडी शिबुलाल को रिपोर्ट करेंगे। बीते जून के बाद इन्फोसिस के शेयर के भाव करीब 50 फीसदी बढ़ चुके हैं। शुक्रवार के कारोबार में इन्फोसिस के शेयरों में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह बीएसई में 3,365.45 रुपये के भाव पर बंद हुआ।


बीते एक साल में इन्फोसिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी छोड़ी है। बीते माह बोर्ड मेंबर और बीपीओ कारोबार हेड वी बालाकृष्णन ने कंपनी छोड़ी थी। अन्य बोर्ड सदस्य और अमेरिकी कारोबार के हेड अशोक बेमुरी ने कंपनी छोड़ कर आईगेट में सीईओ बने। इन्हें शिबुलाल का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। शिबुलाल 2015 में सेवानिवृत होंगे।

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