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रेल पर सवार होकर आएगी महंगाई
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2013 10:26 PM IST
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रेल बजट में सरकार ने मालभाड़ा करीब 6 फीसदी महंगा कर दिया है। इसका सीधा असर रेल के जरिए ढुलने वाले सामनों जैसे सीमेंट, लोहा, कोयला, स्टील, पेट्रोलियम और खाद्यान्नों की कीमतों पर पड़ेगा।
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इतना ही नहीं, डीजल और बिजली की दरें बढ़ने साथ ही अब रेल का मालभाड़ा भी बढ़ा करेगा। ऐसा रेल मंत्री द्वारा आगामी 1 अप्रैल से मालभाड़े को डीजल और विद्युत की दरों से जोड़ने की घोषणा के चलते होने वाला है। रेल का भाड़ा बढ़ने से ट्रकों के किराए भी 3 फीसदी तक बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई की आग और ज्यादा भड़केगी।
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रेल बजट में सरकार ने खाद्यान्न, कोयला, सीमेंट, पेट्रोलियम, लोहे और स्टील की ढुलाई के लिए मालभाड़े को 5.79 फीसदी बढ़ाया है, जबकि यूरिया और मूंगफली तेल का भाड़ा 5.81 फीसदी बढ़ा है। इसी प्रकार 100 किलोमीटर से लेकर 3 हजार किलोमीटर की दूरी पर मालभाड़े में करीब 5.8 फीसदी की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी का असर न सिर्फ खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा, बल्कि लोहे व स्टील से बनने वाली वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेगी। मालभाड़े में हुई यह बढ़ोतरी डेवलपमेंट चार्ज और बिजी सीजन चार्ज के अलावा है।
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बजट पेश करते हुए रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि गत जनवरी में डीजल के दाम बढ़ने से रेलवे पर 3,300 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है। डीजल पर सरकारी नियंत्रण हटने और बिजली की दरों में वृद्धि के बाद रेल भाड़े को ईंधन मूल्यों से जोड़ना जरूरी हो गया है।
बंसल ने कहा कि इस साल भारत 1 अरब टन माल की ढुलाई करने वाले चीन, रूस और अमेरिका जैसे देशों की गिनती में आ जाएगा। रेल मंत्री ने वर्ष 2012-13 के लिए तय 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई के बजट लक्ष्य को घटाकर 100.7 करोड़ टन कर दिया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आगामी वित्त वर्ष में भारतीय रेल 9 फीसदी बढ़ोतरी के साथ करीब 104.7 करोड़ टन माल की ढुलाई करेगी। इससे उसे 93554 करोड़ रुपये का आय होगी।
गलत समय बढ़ाया भाड़ा: फियो
उधर, भारतीय निर्यातक संगठनों के संघ (फियो) के अध्यक्ष एम. रफीक अहमद का कहना है कि माल भाड़े वृद्धि से उत्पादन और व्यापार की लागत बढ़ेगी। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है जब अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से गुजर रही है और विकास दर गिरकर दशक के न्यूतनतम स्तर पर आ गई है।
ट्रकों का भाड़ा भी बढ़ेगा
रेल भाड़े में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी का असर ट्रकों की किराए पर भी पड़ना तय है। पिछले कुछ महीनों से ट्रकों के किराए तकरीबन स्थिर हैं। ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ एसपी सिंह का कहना है कि रेल का मालभाड़ा बढ़ने से ट्रकों के किराए मार्च में 2-3 फीसदी बढ़ सकते हैं। पिछले एक साल से सीमेंट की आपूर्ति भी रेल के बजाय रोड के जरिए बढ़ी है।