फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   inflation rise again and got level

14 महीने के टॉप पर पहुंची महंगाई डायन

Tue, 17 Dec 2013 01:06 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 17 Dec 2013 01:06 AM IST
विज्ञापन
inflation rise again and got level

14 महीने के टॉप पर पहुंची महंगाई डायन पहुंच चुकी है। आम जनता की कमर तोड़ रही महंगाई अब सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है।

विज्ञापन


चालू वित्त वर्ष के नवंबर माह में थोक महंगाई 7.52 फीसदी बढ़ी, जो पिछले 14 महीनों में सबसे ज्यादा है। इस दौरान खाद्य वस्तुओं की महंगाई में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। प्याज के थोक दाम 190 फीसदी बढ़े जबकि सब्जियां 95 फीसदी महंगी हुई।

थोक मूल्य सूचकांक में 65 फीसदी महत्व रखने वाले मैन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की महंगाई भी 2.50 फीसदी से बढ़कर 2.64 फीसदी तक पहुंच गई है।

औद्योगिक उत्पादन में गिरावट के साथ खुदरा और थोक महंगाई में बढ़ोतरी ने आर्थिक मोर्चे पर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार को वाणिज्य मंत्रालय की ओर जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई 19.93 फीसदी तक पहुंच गई है। हालांकि, इस दौरान दालें 10.56 फीसदी सस्ती हुई लेकिन सब्जियां 95 फीसदी महंगी हुई हैं।
विज्ञापन


प्याज के दाम 190 फीसदी बढ़े जबकि आलू करीब 27 फीसदी महंगा रहा। चावल पर करीब 15 फीसदी और दूध पर 6.25 फीसदी महंगाई है। डीजल पर 15.65 फीसदी और एलपीजी पर 10.90 फीसदी महंगाई ने भी आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने गत सितंबर में थोक मुद्रास्फीति को भी 6.46 फीसदी से संशोधित कर 7.05 फीसदी कर दिया है। वहीं अक्तूबर माह में थोक महंगाई दर सात फीसदी रही थी। ऐसे में लगातार तीन माह से थोक महंगाई दर सात फीसदी या उससे ऊपर बनी रही।

और बढ़ेगी महंगाई, 0.25% बढ़ सकता है रेपो रेट
खुदरा और थोक महंगाई में बढ़ोतरी को देखते हुए कर्ज महंगा होने की आशंका है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन पहले ही कह चुके हैं कि महंगाई का मौजूदा स्तर स्वीकार्य नहीं है।

ऐसे में खुदरा और थोक महंगाई दर में लगातार बढ़ोतरी का असर आगामी बुधवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के रूप देखने को मिल सकता है।

 
एसबीआई के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्यकांति घोष का कहना है कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 0.25 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है। ब्रोकेरेज हाउस नोमुरा का मानना है कि आने वाले महीनों में सब्जियों की कीमतों में कमी का असर महंगाई दर दिखने लगेगा, लेकिन खुदरा महंगाई 9 फीसदी से नीचे आने के आसार नहीं है। इसलिए ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed