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पूरी दुनिया में घट गई महंगाई, उत्पाद हुए सस्ते

Fri, 10 Jan 2014 07:36 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Jan 2014 07:36 PM IST
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inflation rate down in whole world

देश में महंगाई भले ही लोगों पर भारी पड़ रही है, पर दुनिया में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बीते वर्ष 1.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

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संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की इकाई फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) की रिपोर्ट के अनुसार तेल, चीनी की कीमतों में 2013 में नरमी देखने को मिली है।
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एफएओ की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 के दौरान खाद्य उत्पादों की कीमतों से जुड़ा सूचकांक 209.9 अंक पर रहा, जोकि 2012 की तुलना में 1.6 फीसदी कम है।

हालांकि इस नरमी के बावजूद एफओए के सालाना रिकॉर्ड में यह तीसरे नंबर के ऊंचे स्थान पर रहा। एफएओ का यह सूचकांक अनाज, तिलहन, चीनी, डेयरी उत्पादों और मीट की मासिक आधार पर कीमतों के औसत पर आधारित होता है। रिपोर्ट के मुताबिक चावल को छोड़कर ज्यादातर अनाजों की आपूर्ति बीते साल के दौरान अधिक रही, जिसकी वजह से इनकी कीमतों में कमी दर्ज की गई। अनाज की कीमतों में 2013 में 7.2 फीसदी की कमी आई।
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गेहूं और मक्के की रिकॉर्ड फसल के चलते इनकी कीमतों में खासतौर पर नरमी देखने को मिली। दूसरी ओर चावल की कीमतों में तेजी रही। यह तेजी अच्छी महक वाली महंगी किस्मों की कीमतों में ज्यादा रही।


रिपोर्ट के मुताबिक खाद्य सूचकांक में कमी की एक अहम वजह 2013 में पाम ऑयल के आयात में कमी होना रहा। इसके अलावा सोया तेल की की मांग में भी अपेक्षाकृत सुस्ती देखी गई। वनस्पति तेलों की कीमतों का सूचकांक 2013 में 193 अंक पर रहा, जबकि 2012 में यह 224 अंक के स्तर पर था। तेलों के साथ ही चीनी की कीमतें भी पिछले साल अच्छे उत्पादन के चलते 18 फीसदी कम रहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक चीनी की कीमतों में कमी की मुख्य वजह दुनिया के दूसरे बड़े चीनी निर्यातक देश थाईलैंड में अच्छा उत्पादन होने और चीन में भी अच्छी फसल होना रही। डेयरी उत्पादों की कीमतों का सूचकांक 2013 में 243 अंक पर रहा। यह आंकड़े एकत्र किए जाने के समय से अबतक का सबसे ऊंचा स्तर रहा। इससे पहले 2011 में यह सूचकांक 230 अंक के उच्चतम स्तर पर रहा था। डेयरी उत्पादों की कीमतों में यह तेजी चीन में इसकी खपत बढ़ने के चलते आई।

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