दिवाली से पहले महंगाई का बम हुआ फुस्स
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दिवाली से पहले खुदरा महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के लिए खुशखबरी है। फल, सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट से इस साल सितंबर में खुदरा महंगाई घटकर 6.46 फीसदी पर आ गई।
त्योहारों से पहले खुदरा महंगाई में भारी गिरावट निश्चित तौर पर लोगों को राहत देने वाली है। देश में जनवरी 2012 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की शुरू गणना हुई थी, तब से खुदरा महंगाई का यह सबसे निचला स्तर है।
सीपीआई के आधार पर कुल खाद्य महंगाई भी सितंबर घटकर 7.67 फीसदी पर आ गई, जो इससे पिछले माह 9.35 फीसदी और सितंबर 2013 में 11.75 फीसदी थी।
सरकारी आंकड़ो में कम हुई महंगाई
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार बीते माह सब्जियों की खुदरा महंगाई घटकर 8.59 फीसदी पर आ गई, जो अगस्त में 15.15 फीसदी पर थी।
यानी, बाजार में सब्जियों की खुदरा कीमतों में भारी गिरावट आई है। फलों की महंगाई भी अगस्त के 24.27 फीसदी के मुकाबले सितंबर में घटकर 22.4 फीसदी रही। इसी तरह, अंडा, मछली और मांस जैसे प्रोटीन उत्पादों के दाम भी पिछले महीने कम हुए हैं।
थोक महंगाई दर का आंकड़ा मंगलवार को जारी किया जाएगा। अगस्त में थोक महंगाई दर 3.74 फीसदी पर थी।
आरबीआई ने महंगाई पर जताई थी चिंता
हाल ही में रिजर्व बैंक ने द्विमासिक मौद्रिक नीति के दौरान खुदरा महंगाई दर के आंकड़े को ध्यान में रखा था। रिजर्व बैंक ने मार्च 2015 तक खुदरा महंगाई के 8 फीसदी और मार्च 2016 तक 6 फीसदी पर रहने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अपनी पिछली मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक ने महंगाई पर चिंता जताते हुए ब्याज दरें यथावत बनाए रखा था। जबकि उद्योग दरों में कटौती की मांग कर रहे थे।
आंकड़ों के अनुसार गत सितंबर में देश के शहरी हिस्से में उपभोक्ता महंगाई 6.34 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 6.68 फीसदी रही। अगस्त में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महंगाई क्रमश: 7.04 फीसदी और 8.27 फीसदी थी।