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विकास को मिलेगी रफ्तार: उद्योग
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
Updated Wed, 30 Jan 2013 12:30 AM IST
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रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट और सीआरआर में चौथाई फीसदी कटौती की सराहना करते हुए उद्योग जगत ने कहा है कि इससे आर्थिक विकास में तेजी आएगी और बैंकिंग तंत्र में नकदी बढ़ेगी। जेएसडब्लू स्टील के ज्वाइंट एमडी एवं सीईओ सेशागिरि राव का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती उत्साहित करने वाला कदम है। इससे उच्च ब्याज दरों के चलते घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा नकारात्मक असर कम होगा।
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फिक्की की प्रेसिडेंट नैना लाल किदवई ने कहा कि रिजर्व बैंक के इस कदम का औद्योगिक विकास पर सकारात्मक असर होगा। पिछले साल से सुस्त पड़ी औद्योगिक विकास दर की रफ्तार में सुधार आएगा। सीआरआर में 0.25 फीसदी की कटौती से बैंकिंग सिस्टम में करीब 18,000 करोड़ रुपये की नकदी आएगी।
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एसोचैम के प्रेसिडेंट आरएन धूत का कहना है कि दरों में कटौती सही दिशा में उठाया गया कदम है। बैंकिंग व्यवस्था को इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए और आखिरी उपभोक्ता तक इसका लाभ पहुंचाना चाहिए। अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन ए. शक्तिवेल का कहना है कि लंबे समय से सख्त बनी तरलता की स्थिति सहज होगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।
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सीआईआई के महासचिव चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि ब्याज दरों के नीचे आने से उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों का भरोसा मजबूत होगा। कमजोर खपत और निवेश मांग के चलते देश की आर्थिक विकास दर पटरी से उतर गई है। रिजर्व बैंक के इस कदम से अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत करने में मदद मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार पहले ही सुधार के कदम उठाए शुरू कर दिए हैं। भारतीय निर्यातक महासंघ (फियो) के प्रेसिडेंट डॉ. एम. रफीक अहमद ने कहा है कि रेपो रेट और सीआरआर में कटौती से उद्योगों को अधिक लोन मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।