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औद्योगिक उत्पादन ने दिए आर्थिक सुधार के संकेत
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2013 09:05 AM IST
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औद्योगिक उत्पादन के जनवरी माह के आंकड़ों से भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 2.4 फीसदी पर दर्ज की गई। जबकि, पिछले वर्ष जनवरी में यह महज 1 फीसदी पर आंकी गई थी।
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माना जा रहा है कि आईआईपी में आए सुधार को देखते हुए रिजर्व बैंक बाजार में निवेश और मांग बढ़ाने के लिए प्रमुख नीतिगत दरों में कटौती कर सकता है।
आईआईपी में 75 फीसदी से अधिक का योगदान करने वाले मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की उत्पादन विकास दर जनवरी में 1.1 फीसदी से बढ़कर 2.7 फीसदी हो गई है। वहीं बिजली का उत्पादन 3.2 फीसदी से बढ़कर 6.4 फीसदी हो गया है। हालांकि, इस दौरान खनन विकास दर में 2.9 फीसदी की कमी आंकी गई है। जबकि पिछले साल जनवरी में इसमें 2.1 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।
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इस माह उपभोक्ता वस्तुओं की उत्पादन विकास दर 2.8 फीसदी पर आंकी गई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समीक्षाधीन अवधि में यह 2.5 फीसदी थी। पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन विकास दर में जनवरी में 1.8 फीसदी की कमी आई है। पिछले वर्ष इसमें 2.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
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हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले दस माह में आईआईपी के आंकडे़ निराशाजनक रहे हैं। अप्रैल 2012-जनवरी 2013 के बीच आईआईपी में महज एक फीसदी का इजाफा हुआ है। जबकि अप्रैल 2011-जनवरी 2012 के बीच 3.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।
मौजूदा वित्त वर्ष के पहले दस माह में उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन 5.4 फीसदी से घटकर 2.7 फीसदी रह गया है। पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन विकास दर में 9.3 फीसदी की कमी आई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2.9 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।
इस बीच, सरकार ने दिसंबर 2012 के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े को 0.6 से संशोधित कर 0.5 फीसदी कर दिया है।