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अप्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण लेकिन हासिल करने योग्य
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 11 Aug 2014 08:58 PM IST
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रत्यक्ष कर राजस्व संग्रह का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण लेकिन हासिल किए जाने योग्य है। जेटली ने यहां केंद्रीय उत्पाद, सीमा शुल्क और सेवा कर के मुख्य आयुक्तों एवं महानिदेशकों के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रत्यक्ष कर राजस्व का लक्ष्य छह लाख 23 हजार 244 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 फीसदी अधिक है।
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वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापार में लेनदेन लागत को कम करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए कराधान के क्षेत्र में भी सुधार किया जा रहा है। हमारे कर प्रशासन की वजह से बहुत सी समस्याएं पैदा हुई हैं और उन सब का उचित तरीके से समाधान किया जाना है। कारोबारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से न सिर्फ देश में व्यापार करने का माहौल सुधरेगा बल्कि इससे कारोबारी लागत भी कम होगी।
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उन्होंने केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अधिकारियों से करदाताओं के लिए सेवा प्रदाता के तौर पर पेश आने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कर चोरी या राजस्व हानि के मामले में कड़ी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
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जेटली ने कहा कि जहां तक भारतीय अर्थव्यवस्था का सवाल है तो पिछले कुछ वर्षों में यह कठिनाई से गुजर रही है। विकास सुस्त रहा है। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की विकास दर निगेटिव या धीमी रही, जिसके परिणाम स्वरूप अप्रत्यक्ष कर संग्रह प्रभावित हुआ है।
विकास को गति देने के उद्देश्य से पिछले कुछ महीने में मैन्यूफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सुधार पर ध्यान दिया गया है। इन क्षेत्रों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए सरकार ने बजट में और उससे अलग पिछले दो महीने में कई कदम उठाए हैं। इस वर्ष जून और जुलाई के मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के आंकडे़ उत्साहजनक हैं। यदि इस तरह के कदम आगे भी उठाए गए, तो इन दोनों क्षेत्रों के प्रदर्शनों में बहुत तेजी से सुधार होगा।