फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   indias gdp growth rate set for five point five rise says finance ministry

विकास दर 5.5% रहने का भरोसा

Mon, 11 Feb 2013 01:04 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 11 Feb 2013 01:04 PM IST
विज्ञापन
indias gdp growth rate set for five point five rise says finance ministry

इस वर्ष अर्थव्यवस्था की विकास दर गत 10 वर्षों में सबसे कम 5 फीसदी रहने के केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अनुमान को वित्त मंत्रालय ने ही संदेह के घेरे में ला दिया है। वित्त मंत्रालय ने सीएसओ की ओर गत वर्षों में जारी पूर्व अनुमानों और अंतिम आंकड़े के फर्क को सामने रखते हुए इस साल विकास दर 5.5 फीसदी या इससे ऊपर रहने का भरोसा जताया है। मंत्रालय का कहना है कि हाल के महीनों में अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखे हैं और रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती के फैसले से आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा।

विज्ञापन


सुधर रही है अर्थव्यवस्थाः वित्त मंत्रालय

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर गत दस वर्षों में सबसे कम 5 फीसदी रहने का अनुमान जारी किया था। इन अनुमानों के एक दिन बाद वित्त मंत्रालय गत सात वर्षों में सीएसओ के अनुमानों और अंतिम आंकड़ों के बीच अंतर को सामने रखा है। मंत्रालय का कहना है कि वर्ष 2008-09 और 2011-12 में सीएसओ ने विकास दर ज्यादा रहने का अनुमान दिया गया था जबकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती आ रही थी। इस साल अर्थव्यवस्था सुधर रही है और संभवत: सीएसओ ने विकास दर को कम आंका है।
विज्ञापन


अर्थव्यवस्था के उबरने का दावा करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा है कि गत अप्रैल से दिसंबर तक उत्पाद शुल्क में 16 फीसदी और सेवा कर संग्रह में 33 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, जबकि मैन्युफैक्चिरिंग सेक्टर की परचेज मैनजर्स इंडेक्स (पीएमआई) में अक्टूबर 2012 के बाद से सुधरा आ रहा है। जीडीपी की विकास दर में सुधार को देखते हुए मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि विकास दर 5 फीसदी रहने के अनुमान में संशोधन होगा और अंतिम अनुमान सरकार की उम्मीदों के मुताबिक 5.5 फीसदी के आसपास रह सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विकास दर 8% बढ़ाने की जरूरतः रघुराम

मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने 5 या 5.5 फीसदी की विकास दर को भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता से बेहद कम मानते हुए इसे कम से कम 8 फीसदी तक पहुंचाने ले जाने की जरूरत बताई है। सीएसओ के अनुमान पर उनका कहना है कि इसमें कुछ खामियां है। सीएसओ का अनुमान पुराने आंकड़ों पर आधारित होता है और अर्थव्यवस्था में बदलाव  का सही आकलन नहीं कर पाता है।


आर्थिक वृद्धि के साथ बढ़ता है भ्रष्टाचार: राजन
मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने कहा है कि आर्थिक वृद्धि में तेजी आने के साथ बड़े भ्रष्टाचार के मौके भी बढ़ते हैं। एक सवाल के जवाब ने राजन ने कहा कि जब भी विकास दर तेज हुई है, भ्रष्टाचार के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत कम देश भ्रष्टाचार मुक्त है और कुछ देशों ने आर्थिक विकास के बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सफल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed