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अमेरिका के इस बिल ने उड़ा दी भारत की नींद!

Thu, 02 Jan 2014 09:30 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 02 Jan 2014 09:30 PM IST
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indian sleepls blown up through this bill

अमेरिका का आव्रजन (इमिग्रेशन) विधेयक में ज्यादा वीजा शुल्क और अमेरिकी एजेंसियों द्वारा कंपनियों के पहले से कहीं अधिक ऑडिट के प्रावधान भारतीय आईटी कंपनियों के लिए चिंताजनक हैं। आईटी सेक्टर से जुड़ी संस्था नास्कॉम ने आईटी कंपनियों से इस बिल को लेकर सचेत रहने की जरूरत जताई है।

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नास्कॉम के प्रमुख सोम मित्तल का कहना है कि सीमा सुरक्षा, आर्थिक अवसर और आव्रजन आधुनिकीकरण विधेयक- 2013 अमेरिकी सीनेट में पास हो चुका है, जबकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इसका पारित होना अभी बाकी है। इस बिल के बारे में मेरा मानना है कि इसमें वीजा की संख्या में बढ़ोतरी जैसे कुछ बहुत अच्छे प्रावधान हैं।
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दूसरी ओर इस में बहुत सी चीजें ऐसी भी हैं, जो हमारी नींद उड़ाने वाली हैं। हमें इन्हें लेकर सचेत रहने और इन चीजों पर काम करने की जरूरत है। हालांकि भारत सरकार और भारतीय कंपनियां अपने-अपने स्तर पर अमेरिका से इसे लेकर चिंता जता चुकी हैं।
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस मुद्दे को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समक्ष भी उठा चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री, उप राष्ट्रपति और सांसदों के साथ भी इसे लेकर चर्चा की जा चुकी है। अमेरिकी कारोबारी जगत भी इस मामले में हमारा समर्थन कर रहा है, पर इसके बावजूद यह बिल हमारी नींद उड़ाने वाला है।


गौरतलब है कि इस बिल को लेकर अपनी चिंताओं को अमेरिका के सामने सशक्त ढंग से पेश करने और बिल के प्रावधानों में बदलाव के लिए दबाव बनाने के लिए नास्कॉम पिछले साल अमेरिकी लाबिंग कंपनियों, जन संपर्क सेवाओं और कानूनी सेवाएं देने वाली कंपनियों सेवाएं ले चुकी है। नास्कॉम ने इन कवायदों के जरिए इस मुद्दे पर अमेरिका के संसद सदस्यों का समर्थन हासिल करने की कोशिश की, ताकि बिल में कुछ बदलाव कराए जा सकें।

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