भारतीय नौसेना को सौंपा पांचवां पी-8I टोही विमान
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तटीय क्षेत्रों में भारतीय नौसेना की निगरानी प्रणाली और ताकतवर हुई है। विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने भारतीय नौसेना को पांचवें पी-8I समुद्री निगरानी विमान की आपूर्ति कर दी।
कंपनी ने नौसेना की समुद्री निगरानी जरूरतों के मद्देनजर इस तरह के आठ विमानों की आपूर्ति करने करार किया है। यह विमान नेवल एयर स्टेशन राजाली पर 9 सितंबर को पहुंचा।
भारत के डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल आरके पटनायक ने कहा कि पी-8I प्रोग्राम निर्धारित समय से चल रहा है और यह विमान हमारी समुद्री निगरानी और एंटी-सबमरीन युद्ध जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि बोइंग और भारत के बीच भागीदारी अभी तक बहुत पेशेवर रही है।
दो विमान मिलेंगे 2015 तक
भारत में बीडीएस के वाइस प्रेसिडेंट डेनिस स्वानसन का कहना है कि पी-8I प्रोग्राम के लिए यह एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम भारत के साथ अपने मजबूत रिश्ते को आगे भी बनाए रखेंगे।
इस साल के आखिर तक हम एक और पी-8I विमान की आपूर्ति कर कर देंगे। शेष दो विमान 2015 में सौंपे जाएंगे। बोइंग को 2009 में भारत के लिए यह विमान बनाने का ठेका मिला। कंपनी की अगली पीढ़ी के 737 व्यावसायिक विमान की तर्ज पर तैयार पी-8I बोइंग द्वारा अमेरिकी नौसेना के तैयार किए गए पी-8ए पोसिडोन का भारतीय नौसेना वर्जन है।
बोइंग पी-8I के इंटरनेशनल प्रोग्राम मैनेजर मार्क जार्डन का कहना है कि भारतीय नौसेना के वरिष्ठ प्रतिनिधि हमारे साथ सिएटल में पी-8I की आपूर्ति गतिविधियों और राजाली के लिए विमान को उड़ान भरते हुए देखने की खातिर मौजूद थे।
यह बेहतर प्रशंसनीय है। यह पूरी टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पी-8I में न केवल भारत के लिहाज से तैयार फीचर शामिल हैं बल्कि भारत में बने सब-सिस्टम्स भी लगे हैं। जोकि देश की समुद्री निगरानी प्रणाली जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।