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भारतीय उद्योग जगत का नजरिया सबसे सकारात्मक
नई दिल्ली/ एजेंसी
Updated Wed, 14 Jan 2015 09:15 AM IST
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अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर भारतीय उद्योग जगत का नजरिया इस समय दुनिया में सबसे सकारात्मक दिख रहा है। वित्तीय और सलाहकार सेवाएं देने वाली फर्म ग्रांट थार्टन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नई सरकार की नीतियों को लेकर देश का उद्योग जगत काफी आशान्वित है। अर्थव्यवस्था को लेकर देश में करीब 98 फीसदी उद्योगों का रुख इस समय सकारात्मक है, जबकि ग्लोबल स्तर पर यह केवल 35 फीसदी के स्तर पर है।
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ग्रांट थार्टन की ओर से जारी इंटरनेशनल बिजनेस रिपोर्ट (आईबीआर) के मुताबिक देश में करीब 94 फीसदी कारोबारियों को आने वाले 12 महीनों में कंपनी की आय बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 89 फीसदी को मुनाफे में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा 41 फीसदी कारोबारियों का मानना है कि आने वाले एक वर्ष में निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ग्लोबल स्तर पर ऐसा मानने वाले कारोबारियों की तादाद 18 फीसदी के आसपास ही है। कारोबार को लेकर सकारात्मक नजरिये के चलते देश में इस साल कंपनी के लिए नई इमारत में निवेश निवेश करने का इरादा रखते हैं।
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आईबीआर की एक अहम बात यह है कि इस साल नई नौकरियां देने के मामले में भारतीय कारोबारी जगत का रुख दुनिया में सबसे ज्यादा सकारात्मक नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 73 फीसदी कंपनियों द्वारा इस साल नई भर्तियां करने की उम्मीद है, जबकि ग्लोबल स्तर पर केवल 28 फीसदी कंपनियों का नजरिया नई नियुक्तियां करने का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते दिनों ग्रोथ पर दबाव बने रहने के चलते करीब 50 फीसदी भारतीय कंपनियां इस समय अपने यहां कुशल कामगारों की कमी महसूस कर रही हैं। यह ग्लोबल स्तर पर ऐसा मानने वाली 26 फीसदी कंपनियों के मुकाबले तकरीबन दोगुना है।
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हालांकि नियमन और नियंत्रण के मामले में रिपोर्ट काफी विपरीत स्थिति दिखाती है। आईबीआर के मुताबिक करीब 70 फीसदी भारतीय कारोबारी लालफीताशाही और जरूरत से ज्यादा नियमन की स्थिति महसूस करते हैं और वह इसे कारोबार के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा के रूप में देखते हैं। उद्योग जगत को उम्मीद है कि केंद्र की नई सरकार इस स्थिति में सुधार लाने के कारगर कदम उठाएगी। दूसरी ओर ग्लोबल कारोबार जगत की धारणा तेल की कीमतों में गिरावट, यूक्रेन में तनाव और चीन में सुस्ती को लेकर आशंका पूर्ण बनी हुई है।