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सबसे तेज होगी भारतीय अर्थव्यवस्था
पेरिस/एजेंसी
Updated Sun, 11 Nov 2012 11:52 PM IST
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आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के मुताबिक अगले 50 वर्षों में भारत की आर्थिक विकास दर दुनिया में सबसे तेज होगी। लेकिन, इसके बावजूद प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश का दर्जा सबसे निचले पायदान से महज एक स्तर ऊपर होगा।
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ओईसीडी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 2011 से 2060 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था सालाना 4.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। इस दौरान लोगों की प्रति व्यक्ति औसत आय में भी 7 गुना इजाफा होगा, लेकिन इसके बावजूद लोगों की आर्थिक समृद्धि के मामले में दुनिया में भारत का दर्जा सबसे निचले पायदान से एक स्तर ही ऊपर रहेगा।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 में प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का दर्जा सबसे नीचे रहा था। अगले 50 वर्षों में भी इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और यह इस मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देश इंडोनेशिया से महज एक पायदान ऊपर होगा। हालांकि चीन तीसरे पायदान से चढ़कर 16वें पायदान पर पहुंच जाएगा। इसके उलट प्रति व्यक्ति आय के मामले में स्विट्जरलैंड शीर्ष पर होगा। इसके बाद अमेरिका, लक्जमबर्ग का नंबर होगा।
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ओईसीडी का मानना है कि अगले 50 वर्षों में चीन की आर्थिक विकास दर भी तेजी से बढ़ते हुए भारत और इंडोनेशिया के बाद तीसरे नंबर पर होगी। इन तीनों ही देशों में प्रति व्यक्ति आय इस अवधि में सात गुना बढ़ जाएगी। लेकिन, जहां तक रहन सहन के स्तर का सवाल होगा इन देशों की जनता की स्थिति चिंतनीय बनी रहेगी। यानी, आर्थिक विकास का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 50 वर्षों में लोगों के रहन सहन का स्तर अमेरिकी लोगों के मौजूदा प्रति व्यक्ति आय से 25 फीसदी ऊपर हो जाएगा, लेकिन वहीं भारतीय लोगों की प्रति व्यक्ति आय अमेरिकी लोगों के मौजूदा स्तर के करीब आधे तक ही पहुंच पाएगी। हालांकि 2020 तक चीन की आर्थिक विकास दर भारत और इंडोनेशिया से अधिक रहने के बावजूद इसके आगे वह इन दोनों ही देशों से पिछड़ जाएगा।
इसकी बड़ी वजह श्रम करने वाले आयु वर्ग के लोगों में कमी से देश के उत्पादन में श्रमिकों का घटता योगदान होगा। ओईसीडी के मुताबिक इसके उलट इस अवधि में भारत में मानव संसाधन विकास दर दुनिया में सबसे अधिक 0.8 फीसदी रहेगी, जबकि चीन में यह 0.6 फीसदी और ब्रिटेन में यह 0.2 फीसदी होगी।
अमेरिका से बड़ी होगी भारतीय अर्थव्यवस्था
आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) की रिपोट में सबसे प्रमुख बात यह है कि अगले 50 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका की अर्थव्यवस्था से भी बड़ी हो जाएगी। मौजूदा समय भारत की अर्थव्यवस्था एक हजार अरब डॉलर की आंकी गई है। रिपोर्ट का कहना है कि 2016 तक चीन की अर्थव्यवस्था अमेरिकी अर्थव्यवस्था से बड़ी होगी, लेकिन आगे इसमें धीमापन आ जाएगा और भारतीय अर्थव्यवस्था इसे पीछे छोड़ देगी। इस तरह जी-7 समूह के यह दोनों ही देश दुनिया में अपनी आर्थिक समृद्धि का परचम लहराते नजर आएंगे।
जनता के जीवन स्तर में मामूली सुधार ही होगा
ओईसीडी की रिपोर्ट में भारत की इस आर्थिक समृद्धि के बखान के बावजूद इसे एक बड़ी विडंबना कहा गया है। रिपोर्ट का कहना है कि भारत की जनता के जीवन स्तर में इस आर्थिक समृद्धि का मामूली असर ही दिखेगा। आर्थिक तरक्की का लाभ आम जनता तक उस स्तर पर नहीं पहुंच सकेगा, जिस स्तर पर इसे पहुंचना चाहिए। ओईसीडी 34 देशों का एक ऐसा संगठन है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड जैसे दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं।