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रिस्क मैनेजमेंट कंपनियों के लिए साइबर हमला सबसे बड़ा खतरा

Tue, 01 Jul 2014 08:48 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 01 Jul 2014 08:48 AM IST
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India risk managers rate cyber risk as top concern

देश में रिस्क मैनेजमेंट एवं बीमा क्षेत्र के अधिकांश पेशेवरों को यह तक नहीं मालूम कि बीते तीन साल में उनकी कंपनियों पर कोई साइबर हमला हुआ या नहीं। ऐसा तब है जब इनमें से अधिकांश पेशेवर साइबर हमले को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। मार्श इंडिया इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड (मार्श इंडिया) के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है।

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मार्श इंडिया के सर्वे के मुताबिक रिस्क पेशेवर अपनी कंपनियों पर साइबर हमले के खतरे को लेकर खासा चिंतित हैं। सर्वे में शामिल 55 फीसदी पेशेवरों ने अपने संस्थान के लिए इसे सबसे बड़ा खतरा माना है, जबकि 44 फीसदी का मानना है कि बीते 12 महीने में साइबर हमले का खतरा काफी बढ़ा है। मुंबई में मार्श के डिजिटल थ्रेट्स कांफ्रेंस के दौरान विभिन्न उद्योगों के 150 से अधिक रिस्क एवं बीमा क्षेत्र के पेशेवरों के बीच यह सर्वे कराया गया।
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सर्वे में 43 फीसदी पेशवरों ने कहा कि साइबर हमले या डाटा से छेड़छाड़ होने पर मुख्य चिंता कंपनी की साख को पहुंचने वाले नुकसान को लेकर है। जबकि, 30 फीसदी पेशेवरों ने आर्थिक क्षति, 16 फीसदी ने मुकदमेबाजी और 9 फीसदी ने नियामकीय कार्रवाई या लाइसेंस के नुकसान को बड़ा खतरा माना है।
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हालांकि, कंपनियों में साइबर हमले के खतरे के बावजूद केवल 21 फीसदी कंपनियों ने संकेत दिया कि उन्होंने स्टैंड-अलोन साइबर लॉयबिलिटी इंश्योरेंस खरीदा है। साइबर इंश्योरेंस लेने की कम दर की अहम वजह जागरुकता की कमी हो सकती है। सर्वे में 55 फीसदी पेशेवरों ने माना कि वह साइबर इंश्योरेंस से परिचित नहीं हैं।


मार्श इंडिया के सीईओ संजय केदिया का कहना है कि सर्वे के नतीजों से यह तथ्य सामने आया, कि भारत में रिस्क एवं बीमा क्षेत्र के पेशेवरों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर समझ कम है। आज के कारोबारी माहौल में तकनीक पर भरोसा, सिस्टम और वेब प्लेटफार्म का मतलब है कि कंपनियां साइबर सुरक्षा को एक सतही विचार की तरह नहीं देख सकती है, जिसे थर्ड पार्टी सिक्योरिटी प्रोवाइडर या कंपनी के आईटी विभाग की जिम्मेदारी के तौर पर छोड़ा जा सकता है।

केदिया ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर कंपनी में सभी स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कंपनी बोर्ड को इस मामले को प्रमुखता से लेना चाहिए।

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