फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   India Pakistan agree to 5 per cent import duty

भारत, पाकिस्तान 5 फीसदी आयात शुल्क पर राजी

Fri, 19 Oct 2012 09:42 PM IST
इसलामाबाद/एजेंसी
इसलामाबाद/एजेंसी Updated Fri, 19 Oct 2012 09:42 PM IST
विज्ञापन
India Pakistan agree to 5 per cent import duty

दोतरफा कारोबार बढ़ाने की कवायद में भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे के यहां से आयातित सामान पर सीमा शुल्क की अधिकतम सीमा को घटा कर 5 फीसदी करने पर राजी हो गए हैं। दोनों देशों के बीच कारोबार संबंधी यह सहमति भारतीय उच्चायोग और कराची चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केकेसीआई) के बीच हुई बैठक में बनी।

विज्ञापन


भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने बताया कि इस सहमति के तहत भारत अप्रैल 2013 से अधिकतम 5 फीसदी की शुल्क अदायगी पर पाकिस्तानी उत्पादकों को अपने उत्पाद भारतीय बाजार में बेचने की छूट दे देगा। दूसरी ओर पाकिस्तान को अगले पांच वर्षों के भीतर भारतीय कारोबारियों को यह सुविधा उपलब्ध करानी होगी। अधिकतम पांच फीसदी शुल्क के दायरे में वह सभी वस्तुएं आएंगी जो कि दोनों देशों की संवेदनशील वस्तुओं की सूची में शामिल नहीं होंगी।
विज्ञापन


सभरवाल ने कहा कि द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ावा देने के लिए साफ्टा के प्रावधानों के तहत दोनों देश एक-दूसरे को कर संबंधी रियायतें देंगे। उन्होंने कहाकि क्षेत्रीय कारोबार और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए दोनों देशों को कारोबारी खुलेपन की दिशा में कदम उठाने ही होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केकेसीआई के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान उन्हें पिछले माह दोनों देशों के वित्त सचिवों के बीच हुई बैठक में आपसी सहयोग, सीमा शुल्क और कारोबार संबंधी शिकायतों व समस्याओं को दूर करने की दिशा में बनी सहमति के बारे में भी जानकारी दी गई। बैठक में पेट्रोलियम, बिजली और बैंकिंग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

सभरवाल ने कहा कि हमने पाकिस्तान में बिजली के क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमियों को इस सेक्टर के भारतीय कारोबारियों के साथ बातचीत करके आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए भी आमंत्रित किया है। पाकिस्तान के साथ बिजली की खरीद-बिक्री के प्रस्ताव के बारे में उन्होंने बताया कि 500 मेगावाट बिचली की खरीद के संबंध में दो बैठकें की जा चुकी हैं।


इसके अलावा तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के कारोबार पर भी चर्चा की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिसंबर में दोनों देशों के बीच फिर से क्रिकेट शुरू होने से आपसी संबंधों और कारोबार को सुधारने व बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed