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देश में और नई नौकरियों की है जरूरतः मोंटेक
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 14 Feb 2013 11:24 PM IST
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देश में नई नौकरियां पैदा करने की दिशा में काफी कुछ करने की जरूरत है। सरकार को यह सलाह योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने दी है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के आंकड़ों में यह कहते हुए सुधार की जरूरत जताई कि एनएसएसओ के आंकड़े हमेशा वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाले नहीं होते।
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अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अहलूवालिया ने कहा कि हम आंकड़ों के आधार पर देश में रोजगार के परिदृश्य (वर्कफोर्स सिनेरियो) को लेेकर आश्वस्त होकर नहीं बैठ सकते क्योंकि एनएसएसओ के आंकड़ों में कई बार स्थिति जैसी है, वैसी परिलक्षित नहीं होती।
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देश में नौकरियों व रोजगार के मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं दिखते कि सरकार इस दिशा में बहुत अच्छा काम कर रही है, बल्कि यह नि:संदेह कहा जा सकता है कि सरकार की ओर से इससे काफी अच्छा काम किया जाना चाहिए।
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आंकड़ों में नजर आने वाले विरोधाभासों की ओर इशारा करते हुए अहलूवालिया ने कहा कि वर्ष 2004-05 से लेकर 2009-10 के बीच एनएसएसओ के 66 सर्वेक्षणों में ग्रामीण पुरुष श्रमिकों की श्रम शक्ति की भागीदारी दर (एलएफपीआर) के आंकड़े तकरीबन एक समान रहे, जबकि ग्रामीण महिला श्रमिकों की भागीदारी के आंकड़ों में छह फीसदी की गिरावट दिखाई गई।
इसी तरह शहरी एलएफपीआर में पुरुषों की भागीदारी दर में एक फीसदी ओर महिलाओं की भागीदारी में 3 फीसदी की कमी दिखाई गई है, जबकि वास्तव में पुरुष व महिला श्रमिकों के अनुपात में इतनी तेजी से बदलाव नहीं हो रहा है।