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कालेधन की सूची में 8वें पायदान पर भारत

Tue, 18 Dec 2012 10:47 PM IST
वाशिंगटन/एजेंसी
वाशिंगटन/एजेंसी Updated Tue, 18 Dec 2012 10:47 PM IST
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india lost usd 123 billion in black money in a decade

दुनिया के अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था में कालेधन का हिस्सा काफी बड़ा है। भारत में तो यह मुद्दा लगातार काफी गंभीर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार केवल 2010 में भारत से 1.6 अरब डॉलर यानी करीब 87 अरब रुपये की राशि देश से बाहर गई। एक दशक की बात करें तो देश से 123 अरब डॉलर यानी करीब 66.5 खरब रुपये कालेधन के रूप में देश से निकल गए।

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एक दशक में सबसे ज्यादा कालाधन बाहर जाने वाले देशों की सूची में भारत का स्थान आठवां है। वाशिंगटन स्थिति ग्लोबल फ ाइनेंस इंटिग्रिटी (जीएफआई) के एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन, मैक्सिको, मलेशिया, सऊदी अरब, रूस, फिलीपींस और नाइजीरिया के बाद सबसे ज्यादा पैसों का प्रवाह भारत में है। कालाधन को बाहर ले जाने के मामले में चीन का नुकसान भारत से बहुत अधिक है। 2001 से 2010 के दौरान चीन से 27.4 खरब डॉलर काला बाहर गया।
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जीएफ आई के निदेशक रेमंड बेकर के मुताबिक एक तरफ  जहां भारत का विकास हो रहा हैं, वहीं दूसरी तरफ इस सालों में भारत ने कालेधन के रूप में लगातार अपनी संपदा खोई है। कालाधन वापस लाने का मुद्दा मीडिया में अत्यधिक छाया रहा लेकिन चर्चा उन बातों पर हो रही थी जो कि पैसा चला गया है।
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अब कानून बनाने वालों का ध्यान इस पर होना चाहिए कि अब पैसा बाहर नहीं जा पाए। इस रिपोर्ट के सह लेखक और जीएफ आई के मुख्य आर्थिक विशेषज्ञ देव कर कहते हैं  कि 123 अरब डॉलर का नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भारी नुकसान है। यह भारत के विकास के लिए पर्याप्त धन था। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम योगदान हो सकता था।


जीएफ आई के नवंबर के 2010 के अंक में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 1948 से 2008 बीच 462 अरब डॉलर का नुकसान भारत को उठाना पड़ा है। जीएफ आई ने विश्व के नेताओं से अंतरराष्ट्रीय फ ाइनेंसियल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है ताकि अवैध धन के प्रवाह को रोका जा सके।

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