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दुनिया का भरोसा खो चुका है भारत: रतन टाटा

Thu, 29 Aug 2013 02:06 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 29 Aug 2013 02:06 AM IST
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india has lost confidence of world says ratan tata

प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा ने देश के मौजूदा आर्थिक संकट के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

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बहुत ही तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि भारत ने दुनिया का भरोसा खो दिया है और सरकार इसे पहचानने में बहुत सुस्त रही है।

रतन टाटा ने एक निजी टेलीविजन चैनल से साक्षात्कार में कहा कि सरकार निजी क्षेत्रों के निहित स्वार्थ के दबाव में आ गई और इसके चलते नीतियों में बदलाव, देरी और जोड़तोड़ की गई है।

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घरेलू अर्थव्यवस्था में कमजोर होते निवेशकों के भरोसे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर टाटा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत के सम्मान को ऊपर तक ले गए लेकिन मौजूदा समय में हम वह सम्मान खो चुके हैं।
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हम दुनिया का भरोसा खो चुके हैं। सरकार इसे पहचानने में बहुत धीमी रही है। रतन टाटा गत दिसंबर में टाटा समूह के चेयरमैन पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

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रतन टाटा ने कहा कि जो नीतियां बनाई गई हैं यदि उन्हें प्रभावी बनाया जाता है, तो यह देश के लिए अच्छा होगा।
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मनमोहन सिंह और उनकी इसी टीम ने 1991 के आर्थिक सुधारों के लिए साहसिक कदम उठाए गए थे। देश के मौजूदा आर्थिक संकट के लिए रतन ने नेतृत्व की कमी को भी जिम्मेदार ठहराया।


उन्होंने कहा कि देश में नेतृत्व का अभाव है। हमें ऐसा लीडर चाहिए जो आगे आकर नेतृत्व कर सके।

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हालांकि, उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बहुत सम्मान करते हैं। सरकार में शामिल लोग कई दिशाओं में काम रही है जबकि, सभी को मिलकर काम करना चाहिए।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को सराहा
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर रतन टाटा ने कहा, ‘मेरा मानना है कि उन्होंने अपने नेतृत्व को साबित किया और गुजरात को कामयाबी की ऊंचाइयों तक ले गए। लेकिन वह देश के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।'

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