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कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देंगे भारत-वियतनाम

Tue, 16 Sep 2014 09:10 PM IST
हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम)/ सुजय मेहदूदिया
हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम)/ सुजय मेहदूदिया Updated Tue, 16 Sep 2014 09:10 PM IST
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india and Vietnam to focus on strengthening of business and trade partnership;
भारत और वियतनाम दक्षिण पूर्व एशिया में आपसी संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कारोबार, निवेश और व्यापार बढ़ाने पर फोकस करेंगे। भारत ने ‘पूरब की ओर देखो’ नीति के तहत इस क्षेत्र में मजबूत व्यावसायिक और आर्थिक रिश्ते बनाने की जरूरत पर जोर दिया है।
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इस तरह से भारत ने चीन को स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस क्षेत्र में राजनीति और व्यावसायिक मोर्चे पर रणनीतिक भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है। भारत की ओर से चीन को यह संकेत चीन के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के ठीक एक दिन पहले दिया जा रहा है।
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इस दिशा में एक अहम कदम के तौर पर वियतनाम के प्रधानमंत्री नुएन तान दुंग अक्तूबर में उच्च स्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) अनिल बाधवा ने कहा कि वियतनाम के प्रधानमंत्री के साथ संभावित तौर पर आने वाला मजबूत प्रतिनिधिमंडल अपने आप में यह संकेत होगा कि दोनों देश कारोबार और व्यापार के रिश्तों को कितना महत्व दे रहे हैं।
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उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मौजूदा वियतनाम यात्रा मेें साथ आए भारतीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भारत के साथ आर्थिक और वाणिज्यिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है और हम इस सहयोग को दूसरे सेक्टरों जैसे फार्मास्युटिकल, सर्विसेज और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश में भी नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि वियतनाम के प्रधानमंत्री ने भारत सरकार को संदेश दिया है कि वह अपनी भारत यात्रा अगले माह बोध गया से शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में आधिकारिक यात्रा बोध गया से शुरू होगी और फिर आधिकारिक स्तर की वार्ता के लिए वे नई दिल्ली आएंगे।

बाधवा का कहना है कि प्रणब मुखर्जी और वियतनाम के राष्ट्रपति के बीच बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की राय थी कि रिश्तों का फोकस आर्थिक सहयोग पर शिफ्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वियतनाम अपने प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के पहले दो प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है।

ये दोनों प्रतिनिधिमंडल भारत आकर उन कारोबारी और निवेश सेक्टरों की पहचान करेंगे, जिनके साथ वे प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान बातचीत करना चाहेंगे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यात्रा के बाद भारत भी फालोअप के तौर पर अपना प्रतिनिधिमंडल वियतनाम भेजेगा।

दोनों देशों ने अगले माह भारत आ रहे आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की संरचना और समन्वय के लिए विशेष समूह बनाने का फैसला किया है। इसी तरह से भारत भी वियतनाम को प्रमुख पर्यटक स्थल के तौर पर पेश करने की दिशा में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को कुछ फिल्मों की शूटिंग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।


वियतनाम के नेतृत्व के साथ अपनी बातचीत के दौरान मुखर्जी ने कहा कि भारत की ‘पूरब की ओर देखो’ नीति में वियतनाम एक अहम स्तंभ है। वियतनाम आसियान और व्यापक क्षेत्र दोनों में भारत के लिए रणनीतिक सहयोगी है। हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को मिले वियतनाम के समर्थन की सराहना करते हैं और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने को लेकर सकारात्मक हैं।
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