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भारत-चीन बढ़ाएंगे आपसी व्यापार और निवेश
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Mon, 26 Nov 2012 10:17 PM IST
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भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सोमवार को दोनों देशों के बीच ग्यारह समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। इनमें सात करार निजी क्षेत्र और चार सरकार की ओर से किये गए हैं। 2,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए रिलायंस पावर लिमिटेड और गुआंगडोंग मिंगयांग विंड पावर इंडस्ट्री ग्रूप कंपनी लिमिटेड के बीच करार किया गया है। इस परियोजना में 3 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य बिजली परियोजना के लिए लेंको समूह और चाइना डेवलपमेंट बैंक के बीच भी समझौता किया गया है।
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हेनान में आईटी नॉलेज पार्क खोलने के लिए एनआईआईटी ने भी करार किया है। अनुमानित तौर पर सभी सात करार में निजी क्षेत्र के जरिए करीब 4.6 अरब डॉलर का निवेश किया जाना है। दूसरी ओर सरकारी समझौते ज्ञापन पर योजना आयोग, ऊर्जा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और नास्कॉम ने हस्ताक्षर किये हैं। हालांकि आज हुई द्वितीय सामरिक आर्थिक वार्ता के दौरान दोनों देशों के व्यापार के बीच महत्वपूर्ण सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई। व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार में आड़े आ रहे सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दों पर फिलहाल दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है।
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द्वितीय सामरिक आर्थिक वार्ता का ब्यौरा देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि दोनों देश तमाम परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश कई विशेष पायलट परियोजनाओं को शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। मसलन जल की शुद्धता और इसके उपचार संबंधी पहल करने पर विचार किया जा रहा है। मालूम हो कि चीन की ओर से इस सामरिक आर्थिक वार्ता की अगुआई चाइना नेशनल डेवपलमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन के चेयरमैन झांग पिंग कर रहे हैं। पिछले वर्ष बीजिंग में पहली सामरिक वार्ता शुरू की गई थी।
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