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10 करोड़ आय वालों पर ज्यादा टैक्स

Thu, 21 Nov 2013 03:23 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 21 Nov 2013 03:23 PM IST
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केंद्र सरकार 10 करोड़ से अधिक आय वाले लोगों पर और अधिक टैक्स लगाए जाने पर विचार कर रही है। डायरेक्ट टैक्स कोड बिल में इस बाबत नया प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
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लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार डायरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) के जरिए करदाताओं पर मेहरबान हो सकती है। वित्त मंत्रालय ने आगामी शीतकालीन सत्र में डीटीसी विधेयक को संसद में पेश करने की पूरी तैयारी कर ली है।
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बदली राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विधेयक के मसौदे में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत आयकर छूट सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने जैसी रियायतें दी जा सकती हैं।
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सीआईआई की ग्लोबल टैक्स समिट के मौके पर राजस्व सचिव सुमित बोस ने बताया कि डीटीसी विधेयक पर काम चल रहा है और इसे जल्द से जल्द पेश करने की तैयारी है। पहली बार वर्ष 2010 में पेश हुए इस विधेयक का मसौदा दो बार बदला जा चुका है।

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मौजूदा मसौदे में आयकर छूट की सीमा को 2 लाख रुपये ही रखा गया है लेकिन सालाना 10 करोड़ रुपये से ज्यादा आमदनी पर 35 फीसदी आयकर का नया स्लैब लाने का प्रस्ताव है।


इसके अलावा एक करोड़ से ज्यादा डिविडेंट इनकम पर 10 फीसदी लेवी वसूलने का भी प्रस्ताव है। वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का मानना है कि विधेयक में संशोधन कर आयकर छूट 3 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा लेवी खत्म करने के स्थायी समिति के सुझाव को भी सरकार मान सकती है।

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कॉरपोरेट टैक्स की दर ज्यादा
वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार पार्थसारथी सोम ने कहा है कि हमें टैक्स कानून को सरल बनाने की जरूरत है। डायरेक्ट टैक्स कोड इस दिशा में अहम कदम होगा। हमारा मानना है कि भारत में विकसित देशों के मुकाबले टैक्स दरें अधिक हैं। कॉरपोरेट टैक्स की 30 फीसदी दर को अधिक बताते हुए उन्होंने कहा कि टैक्स बेस बढ़ाए बगैर दरों में कटौती संभव नहीं है।
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