मकान का सपना होगा पूरा, सस्ते होंगे घर
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर एसएस मुंद्रा का कहना है कि तैयार मकान इतनी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं कि आने वाले दिनों में मकानों की कीमतें कम हो सकती हैं।
राष्ट्रीय रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुंद्रा ने कहा कि देश में अब भी लोगों के लिए मकान खरीदना महंगा सौदा है।
देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी रोजाना दो डॉलर (लगभग 120 रुपये) से भी कम में गुजर बसर करने के लिए मजबूर है। ऐसे में इनकी कीमतों में कमी आना काफी महत्वपूर्ण है।
करीब 2 करोड़ लोगों के पास नहीं है घर
मुंद्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ 88 लाख मकानों की कमी है। इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े एक करोड़ पांच लाख लोगों और मध्यम आय वर्ग के 74 लाख लोगों के पास अपना मकान नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2012 तक देश में बेघर या झुग्गियों तथा किराए के मकानों में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़कर तीन करोड़ हो जाएगी। मुंद्रा ने कहा कि हम ऐसी स्थिति पैदा नहीं करना चाहते जिसमें कृत्रिम मांग बढ़े।
उन्होंने कहा कि आरबीआई के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अभी भी मकान और रीयल एस्टेट के लिए बैंक ज्यादा आसानी से ऋण दे रहे हैं। इन तर्कों पर कि मकान की कीमत में 22 प्रतिशत योगदान करों का होता है, मुंद्रा ने कहा कि बेहतर तकनीक तथा अन्य उपायों को अपनाकर मकान की लागत कम की जा सकती है।
गरीबों के लिए सस्ता होगा कर्ज
समाज के कमजोर तबकों के लिए कर्ज सस्ता करने के कदम के तौर पर केंद्र सरकार 5 फीसदी ब्याज छूट स्कीम के लिए पात्रता सीमा का विस्तार मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ा कर 5 लाख रुपये तक कर सकती है।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव जीएस संधू ने एक सम्मेलन में कहा कि 5 फीसदी ब्याज छूट स्कीम के लिए पात्रता सीमा मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ा कर 5 लाख रुपये तक की जाएगी। इस बारे में नई स्कीम की घोषणा जल्द की जाएगी।