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जानिए, डीजल के दाम बढ़ने से क्या-क्या होगा महंगा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 17 Jan 2013 03:01 PM IST
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आखिरकार वही हुआ, जिसका डर था। महंगाई बढ़ाने में महारत हासिल कर चुकी यूपीए सरकार के पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने ऐतिहासिक फैसले का ऐलान कर दिया है। मोइली ने घोषणा कर दी है कि अब तेल कंपनियां ही डीजल की कीमत तय करेंगी।
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इसी के साथ यह तय हो गया कि पेट्रोल में आग लगाने के बाद अब डीजल की बारी है। सरकार द्वारा डीजल की कीमत को बाजार के हवाले करने से आम आदमी पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ने वाली है। सूत्रों की माने तो आज आधी रात से तेल कंपनियां डीजल के दामों में आग लगाने वाली हैं।
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आइए जानते है सरकार के इस फैसले के बाद आम जनता पर क्या होगा इसका साइड इफेक्ट्स-
-डीजल के दाम बढ़ने से दूध, फल और सब्जियां तो महंगी होंगी ही साथ ही अब वो सारी चीजें महंगी हो जाएंगी जो रोजमर्रा से जुड़ी हुई हैं।
-खस्ताहाल रेलवे का घाटा भी बढ़ेगा। डीजल के दाम बढ़ने से अब माल ढुलाई की कीमत बढ़ेंगी। माल ढुलाई की दर बढ़ेगी तो सब्जियां महंगी होंगी और दूध की कीमतों में भी इजाफा होगा। माल ढुलाई के दर में बढ़ोतरी का असर तो फल और अनाज पर भी दिखेगा।
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-डीजल के दाम बढ़ने से किसानों और मजदूरों पर भी इसका असर पड़ेगा। डीजल मशीन से सिंचाई महंगी हो जाएगी। ट्रैक्टर से खेत जोतना भी महंगा हो जाएगा। रोजाना स्कूल, ऑफिस जाने वालों का बस का किराया भी महंगा हो जाएगा।
-इतना ही नहीं डीजल के दामों में बढ़ोतरी का साइड इफेक्ट्स लोगों की सुख सुविधाओं पर भी दिखेगा। डीजल टैक्सी का किराया महंगा होगा, लिहाजा घूमना फिरना महंगा हो जाएगा। डीजल से चलने वाले जेनरेटर का खर्च बढ़ेगा, लिहाजा पावर बैकअप महंगा हो जाएगा।
-सरकार तो ये कहकर अपना पल्ला झाड़ लेगी कि उसने तो डीजल की कीमत बाजार के हवाले कर दी है। अब ये तेल कंपनियों की जिम्मेदारी है, लेकिन आम लोगों पर ये कहर किस कदर बरपेगा, ये तो आनेवाले दिनों में पता ही चल जाएगा।